क्रोन रोग क्या है? लक्षण, बचाव के उपाय | Daily Health Tip | Aayu App

crohn's disease

भूख कम लगना क्रोन रोग का लक्षण हो सकता है इसमें पाचन तंत्र की परत सूज जाती है। इससे बचने के लिए अधिक खाने की जगह दिनभर में थोड़ा-थोड़ा खाएं।

Loss of appetite can be a symptom of Crohn’s disease. It swells the lining of the digestive system. To avoid this, instead of overeating, eat small meals during the day.

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क्रोन रोग क्या है?

क्रोन रोग एक लंबे समय तक चलने वाली स्थिति है जिससे शरीर के पाचन तंत्र की परत में सूजन व लालिमा पैदा हो जाती है। जिससे डायरिया और पेट में ऐंठन जैसी समस्याएं होने लगती है। इस रोग के होने का कारण अभी स्पष्ट नहीं हो पाया है। माना जाता है कि जब शरीर की प्रतिरक्षा प्रणाली (Immune System) अलग ही तरह से बर्ताव करती है तब यह रोग होता है। कुछ परिवारों में यह वंशानुगत (Hereditary) भी होता है। जिन बच्चों को यह दिक्कत होती है उन्हें बढ़ने में बहुत मुश्किलें होती है। 

इसके लक्षण कष्टदायी होते है। इसमें आंतों (Intestine) के अल्सर, तकलीफ और दर्द आदि शामिल है। इसके लक्षण स्थिर रह सकते है या महीने या साप्ताहिक रूप से बार-बार आ-जा सकते है। इसके लक्षण आमतौर पर बचपन या शुरूआती वयस्कता (Early Adulthood) में शुरू होते है। क्रोन रोग दर्दनाक, कमजोर कर देने वाली और कभी-कभी जीवन के लिए हानिकारक स्थिति पैदा कर सकता है। 

क्रोन रोग की जाँच डॉक्टर शारीरिक परीक्षण (Physical Examination), लैब टेस्ट, इमेजिंग टेस्ट और कोलोनोस्कोपी आदि की मदद से करेंगे। क्रोन रोग के कारण आंतो में ब्लॉकेज (Blockage in Intestine), आंतों में अल्सर और पर्याप्त पोषण प्राप्त करने में कठिनाई जैसी जटिलताएं पैदा हो सकती है। क्रोन रोग से ग्रस्त लोगों को पीठ में दर्द और त्वचा संबंधित समस्याएं होती है। जीवनशैली में बदलाव जैसे एक्सरसाइज व स्वस्थ आहार आदि के रूप में इसका उपचार किया जाता है साथ ही साथ दस्त रोकने वाली (Antidiarrhetics) और सूजन व जलन रोकने वाली ऑवर-द-काउंटर (Prescription) दवाएं भी इसके उपचार में प्रयोग की जा सकती है। 

क्रोन रोग के लक्षण:

क्रोन रोग के लक्षण आंत का कौनसा हिस्सा प्रभावित हुआ है इस बात पर निर्भर करते है।

दर्द: दर्द का स्तर हर व्यक्ति के अनुसार अलग-अलग हो सकता है और यह उनके आंत में सूजन कहाँ हुई है इस बात पर निर्भर करता है। दर्द ज्यादातर पेट के निचले दाहिने तरफ महसूस होता है।

आंतो में अल्सर: अल्सर आंतों (Intestine) में होते है, जिनसे खून बह सकता है। यदि आंतों से खून बहता है तो मरीज को अपने मल में खून की जाँच करवानी चाहिए।

दस्त: यह समस्या धीरे-धीरे गंभीर रूप ले सकती है। कभी-कभी दस्त में खून, बलगम या मवाद आदि भी आ सकता है। इसमें मरीज को शौचालय जल्दी जाने की इच्छा होती है लेकिन मल नहीं आता।

थकान: यह कई तरह की बीमारियों के चलते हो सकती है जिसमें शामिल है एनीमिया के लिए इस्तेमाल की जाने वाली कुछ दवाओं से होने वाले दुष्प्रभाव, नींद की कमी या अगर आपको दर्द या दस्त से रात में उठना पड़ता है। इस समस्या में व्यक्ति अक्सर बहुत थका हुआ महसूस करता है। थकान की वजह से बुखार आना भी संभव है।

भूख में बदलाव आना: यदि आंतों में सूजन व लालिमा के कारण आपका शरीर आपके द्वारा खाए गए भोजन से पोषक तत्वों को अवशोषित (Absorb) नहीं कर पाता, तो इसके कारण वजन घटने जैसी समस्याएं हो सकती है।

वजन घटना: यह भूख कम लगने के कारण हो सकता है।

एनीमिया (लाल रक्त कोशिकाओं की संख्या में कमी): अगर आप का बहुत खून बर्बाद हो रहा है, बह रहा है या नष्ट हो रहा है और आप पर्याप्त मात्रा में खा भी नहीं रहे है तो आपमें एनीमिया विकसित होने की संभावना अधिक हो जाती है। 

रेक्टल से रक्तस्त्राव और एनल फिशर: इसमें गुदा की त्वचा फटने लग जाती है, जिससे खून बहता है और बेहद दर्द होता है।

क्रोन रोग के कारण:

क्रोन रोग का सटीक कारण अभी अज्ञात है। क्रोन रोग एक प्रकार का प्रतिरक्षित (Immunized) रोग होता है, जिसमें मरीज की प्रतिरक्षा प्रणाली (Immune System) खुद की आंत्र प्रणाली (Intestinal System) पर हमला करती है और उनमें सूजन, लालिमा, जलन व दर्द आदि पैदा करती है।

आइये अब हम कुछ क्रोन रोग के बढ़ने के कारण बताते है।

जीन: वैसे तो क्रोन की बीमारी के लिए जीन को कारण नहीं माना जाता था, लेकिन वैज्ञानिकों ने 100 से अधिक ऐसे जीनों की पहचान की है जो इस रोग के जोखिम को बढ़ा सकते है।

पारिवारिक रोग संबंधी कारण: यदि आपके माता-पिता में से किसी एक को क्रोन रोग है तो आपको क्रोन रोग होने की संभावना कम है लेकिन अगर माता-पिता दोनों को क्रोन रोग है तो आपमें यह रोग विकसित होने की संभावना बहुत ज्यादा है।

सिगरेट पीना: सिगरेट ना पीने वालों के मुकाबले सिगरेट पीने वाले लोगों में क्रोन रोग विकसित होने के जोखिम दोगुना ज्यादा होते है।

क्रोन रोग से बचाव के उपाय:

  • जब भी आपको भूख लगे तब खा लें।
  • भोजन को छोटे-छोटे टुकड़ों को तोड़कर और खूब चबाकर खाएं।
  • अपने घर पर ऐसे खाद्य पदार्थों को रखें जिनको आप खा सकते है जिनसे किसी तरह का लक्षण पैदा नहीं हो सकता।
  • एक बार में अधिक खाने की जगह दिन भर में थोड़ा-थोड़ा करके खाएं।

यह लेख केवल सामान्य जानकारी के लिए है। यह किसी भी तरह से किसी दवा या इलाज का विकल्प नहीं हो सकता। ज्यादा जानकारी के लिए हमेशा आयु ऐप (AAYU App) पर डॉक्टर से संपर्क करें.

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