Latest Health update: कोविड-19 वैक्सीन के आने में इसलिए लग रही है देरी!

कोविड-19 वैक्सीन COVID-19 vaccine latest updates

कोविड-19 वैक्सीन (Covid-19 vaccine) के लिए तमाम तरह के प्रयास किए जा रहे हैं, लेकिन अभी कोई भी वैक्सीन (Vaccine) फाइनल स्टेज में नहीं पहुँची है, हमारी टीम ने जानने का प्रयास किया कि आखिर कोविड-19 वैक्सीन (Covid-19 vaccine) के आने में इतना समय क्यों लग रहा है? कोरोना वैक्सीन के देरी से आने का क्या कारण है? 

1. 5 स्टेज से गुजरती है हर वैक्सीन

कोविड-19 वैक्सीन को इसलिए लग रही है देरी

प्री-क्लिनिकल ट्रायल- चूहों या बंदरों पर वैक्सीन के असर की जांच

फेज-1 – सेफ्टी ट्रायल-  500-1000 सब्जेक्ट्स पर डोज की मात्रा, सेफ्टी की जांच

फेज-2 – सेफ्टी ट्रायल- 500-1000 सब्जेक्ट्स पर डोज की मात्रा, सेफ्टी की जांच

फेज-3 – सेफ्टी ट्रायल-  10,000 से ज्यादा सब्जेक्ट्स पर जांच, इफेक्टिवनेस साबित करने के लिए

अप्रूवल- ट्रायल के नतीजों के आधार पर हर देश का रेगुलेटर वैक्सीन को अप्रूवल देता है या रिजेक्ट करता है। 

कुछ देशों ने इमरजेंसी या शुरुआती अप्रूवल का तरीका अपनाया है। यानी जो वैक्सीन फेज-1 या फेज-2 में इफेक्टिव दिखे, उन्हें भी अप्रूवल दे दिया।  इसके बाद भी कुछ देश फेज-3 के ट्रायल्स के बिना अप्रूवल नहीं देना चाहते।

2. कोविड वैक्सीन को लेकर सरकारों  ने क्या प्रक्रिया तय की है?

  • वैक्सीन बनाने में कई साल लग जाते हैं। कोरोना के जितने भी वैक्सीन बने हैं और अप्रूवल के करीब पहुंचे हैं, वह एक रिकॉर्ड है। दुनिया ने इतनी तेजी से इससे पहले कभी वैक्सीन नहीं बनाया। इसके बाद भी महामारी से निपटने के लिए वर्ल्ड हेल्थ ऑर्गेनाइजेशन (WHO) के साथ दुनियाभर के ड्रग रेगुलेटर्स ने नियम बदले हैं।
  • कुछ फेज मर्ज कर दिए गए हैं। उदाहरण के लिए, भारत में जायडस कैडिला के वैक्सीन के फेज-1/2 ट्रायल्स कम्बाइंड किए गए। इसी तरह ऑक्सफोर्ड/एस्ट्राजेनेका के वैक्सीन-कोवीशील्ड के फेज-2/3 ट्रायल्स साथ में हो रहे हैं।

3. वायरस से लड़ने में वैक्सीन की जरूरत क्यों है?

  • वैक्सीन किसी वायरस के हमले से पहले ही उससे लड़ने के लिए शरीर को तैयार करता है। अगर आपके परिवार के सभी सदस्यों को वैक्सीन लगा होगा तो आपको कोरोना का खतरा नहीं रहता। 
  • जितने ज्यादा लोगों को वैक्सीन लगा होगा, उतने ज्यादा लोग वायरस से सुरक्षित रहेंगे। इससे ही हर्ड इम्यूनिटी आएगी, जिसकी बात वैज्ञानिक कर रहे हैं। 
  • दरअसल, हर्ड इम्यूनिटी का मतलब है कि ज्यादातर लोगों के शरीर वायरस से लड़ने की स्थिति में आ चुके हैं। और ऐसे में जिन लोगों को वैक्सीन लग चुकी है यह हर्ड इम्यूनिटी वाले लोगों के लिए सुरक्षा कवच का काम करेंगे। यही वजह है कि इस लड़ाई में कोविड-19 वैक्सीन का इंतजार किया जा रहा है। 

वैक्सीन इफेक्टिव होगी तभी बनेगी हर्ड इम्यूनिटी

(A)यदि कुछ ही लोगों को वैक्सीन लगा हो…   तब यदि एक इंसान संक्रमित हो तो वह औरों तक पहुँचा सकता है।

(B) यदि कई लोगों को वैक्सीन लगा हो….तब संक्रमण आगे नहीं फैलता । हर्ड इम्यूनिटी विकसित होती है।

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