COVID-19 Vaccination: कोरोना वैक्सीन लेने से मना करने पर इलाज का पैसा नहीं मिलेगा , नियम लागू

COVID-19 Vaccination

COVID-19 Vaccination: कोरोना संक्रमण के बढ़ते मामले व हेल्‍थ वर्कर्स और फ्रंट लाइन वर्कर्स के बहुत कम संख्‍या में वैक्‍सीन लगवाने पर पंजाब सरकार ने सख्‍त तेवर दिखाए हैं। 

अगर हेल्थकेयर वर्कर या फ्रंटलाइन वर्कर कोविड-19 की वैक्सीन नहीं लेते हैं तो उन्हें संक्रमण होने पर इलाज के लिए कोई वित्तीय मदद नहीं मिलेगी। उन्हें क्वारंटाइन या आइसोलेशन के लिए छुट्टी भी नहीं लेने दी जाएगी।

1. सरकार का ऐलान

स्‍वास्‍थ्‍य मंत्री ने कहा कि यदि बढ़ाई गई तारीख तक वैक्‍सीन (COVID-19 Vaccination) नहीं लगवाया गया तो फिर सरकार, इलाज का खर्च वहन नहीं करेगी।  लोगों को संक्रमित होने पर अपना इलाज स्‍वयं कराना होगा।

राज्य सरकार ने कुछ हेल्थकेयर वर्करों द्वारा वैक्सीन नहीं लगवाने की रिपोर्ट को गंभीरता से लेते हुए यह कदम उठाया है।  पंजाब में कोरोना के मामले लगातार बढ़ रहे हैं, जबकि टीकाकरण (COVID-19 Vaccination) की दर बेहद कम है। 

2. वैक्सीनेशन को लेकर पंजाब स्वास्थ्य मंत्री का बयान

पंजाब के स्वास्थ्य मंत्री बलबीर सिद्धू ने कहा कि जिन भी हेल्थ केयर वर्करों ने पर्याप्त अवसर दिए जाने के बावजूद वैक्सीन नहीं लगवाई है, तो उन्हें अपनी ज़िम्मेदारी स्वयं लेनी होगी। बलबीर सिद्धू ने माना कि पंजाब में कोविड के केस लगातार बढ़ रहे हैं। 20 फरवरी को 358 केस सामने आए। पिछले तीन हफ्तों में पंजाब में सक्रिय मरीज 33 फीसदी बढ़ गए हैं।

स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि सभी स्वास्थ्य कर्मियों के लिए वैक्सीन लेना बेहद जरूरी है, ताकि किसी अप्रत्याशित हालात से निपटा जा सके। पंजाब उन छह राज्यों में से एक है, जहां कोविड-19 के मामले लगातार बढ़ रहे हैं। लिहाजा हमें दूसरी लहर का सामना करने को तैयार रहना चाहिए।

सिद्धू ने कहा कि ये बढ़ते मामले बताते हैं कि कोविड-19 का खतरा अभी टला नहीं है और पंजाब में मामले फिर बढ़ सकते हैं। लिहाजा सोशल डिस्टेंसिंग, मास्क पहनना और सैनेटाइजर से हाथ धोने जैसी सावधानियां पहले की तरह बरतना आवश्यक है।

3. ये है मामला

  • मालूम हो, स्वास्थ्य कर्मियों के लिए वैक्सीन की पहली खुराक लेने की अंतिम तिथि 19 फरवरी से बढ़ाकर 25 फरवरी कर दी गई है। इसके बाद यदि कोई संक्रमित होता है तो उसे खुद के इलाज का भुगतान करना होगा, अभी तक सरकार कोरोना संक्रमितों का इलाज करा रही थी।
  • सरकार ने ऐसा निर्णय उन रिपोर्ट्स को देखते हुए लिया है जिसमें कहा गया है कि वैक्‍सीन लगवाने बहुत कम संख्‍या में लोग आ रहे हैं। वहीं देश के कुछ राज्‍यों में कोरोना संक्रमण के मामले बढ़ने की सूचना है।
  • गौरतलब है कि पंजाब के स्‍वास्‍थ्‍य मंत्री बलबीर सिंह सिद्धू ने आज एक बयान में कहा कि वे हेल्‍थ वर्कर्स जिन्‍होंने अपनी प्रतिरक्षा बढ़ाने के लिए वैक्‍सीन नहीं लगवाया है, जबकि उन्‍हें वैक्‍सीन लगवाने के लिए दोबारा अवसर दिया गया था। यदि बाद में उन्‍हें कोरोना संक्रमण होता है तो इसके इलाज का खर्च उन्‍हें ही करना होगा और उन्‍हें क्‍वारंटीन और आइसोलेशन छुट्टी के लाभ की अनुमति नहीं होगी।

4. कोरोना वैक्सीनेशन के लक्ष्य से कोसों दूर पंजाब (COVID-19 Vaccination goal)

स्वास्थ्य मंत्री ने स्वास्थ्य कर्मियों के बीच टीका करण की कम दर पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि अब तक 2.06 लाख हेल्‍थ वर्कर्स और 1.82 लाख फ्रंटलाइन वर्कर्स ने COVID-19 टीका करण के लिए पंजीकरण कराया है।

स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि “कुछ 79,000 या 38 प्रतिशत स्वास्थ्य कर्मियों और 4,000 फ्रंटलाइन वर्कर्स को टीका लगाया गया है और यह कवरेज, लक्ष्‍य से बहुत दूर है। वैक्‍सीन, सुरक्षित और प्रभावी है। पंजाब में किसी की मृत्यु या किसी भी गंभीर प्रतिकूल प्रभाव का एक भी मामला नहीं है। अफ़वाहों और गलत सूचना से किसी को गुमराह नहीं होना चाहिए।”

5. कोरोनो वायरस के नए स्ट्रेन के भारत में 240 मामले सामने आए

सरकारी आँकड़ों के मुताबिक, भारत में कोरोनो वायरस के नए स्‍ट्रेन के 240 मामले सामने आए हैं। सरकार की टीकाकरण योजना लोगों के एक महत्वपूर्ण जनसंख्‍या का टीकाकरण करके सामूहिक प्रतिरक्षा बनाने पर निर्भर करती है। टीकाकरण के पहले चरण में, सरकार ने 3 करोड़ हेल्‍थ वर्कर्स और फ्रंटलाइन वर्कर्स का टीकाकरण करने की योजना बनाई है। इसके बाद 27 करोड़ लोगों की बारी होगी जो 50 वर्ष से अधिक आयु के हैं या उनमें सह-रुग्णता है।

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डिस्क्लेमर: यह ब्लॉग किसी भी प्रकार से दवाई या डॉक्टर से लिया गया इलाज का विकल्प नहीं है ।  किसी भी समस्या के लिए डॉक्टर से  www.aayu.app पर परामर्श लें ।

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