Covid-19 latest update: Covid-19 वैक्सीन को लेकर सरकार ने दी चेतावनी!जारी किए नए दिशा-निर्देश

Covid-19 vaccination certificate on social media

Covid-19 vaccine: कोविड-19 वैक्सीनेशन (Covid-19  Vaccination) के बाद सोशल मीडिया पर सर्टिफ़िकेट जारी करने वालों को सरकार ने अलर्ट रहने की हिदायत दी है। इसके अलावा केंद्र सरकार ने दफ्तरों के लिए नए दिशा-निर्देश भी जारी किए हैं। जानिए क्या है कोविड-19 वैक्सीन को लेकर सरकार की चेतावनी और नए दिशा-निर्देश-

1. क्या है कोविड-19 वैक्सीन को लेकर सरकार की चेतावनी? (What is the government’s warning about the Covid-19 vaccine?)

देश में 16 जनवरी से कोरोना वैक्सीन लगाने की शुरुआत हो चुकी है। और वैक्सीनेशन के पहले चरण में प्राथमिकता के आधार पर चिकित्साकर्मियों और फ्रंटलाइन वर्कर्स को वैक्सीन लगाई जा रही है। वैक्सीन लगाने के बाद हर व्यक्ति को एक सर्टिफ़िकेट भी दिया जा रहा है। 

दरअसल, गृह मंत्रालय द्वारा चलाए जा रहे साइबर सिक्योरिटी अवेयरनेस वाले ट्विटर हैंडल से एक ट्वीट कर लोगों को वैक्सीनेशन सर्टिफ़िकेट को न शेयर करने की बात कही गई है। सर्टिफ़िकेट के एक सेंपल को शेयर करते हुए ट्वीट में लिखा गया है कि, ”सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के माध्यम से अपने कोविड टीका करण प्रमाणपत्रो को पोस्ट/साझा करने और प्रोफाइल चित्र या स्टेटस पर डालने से बचें। इस प्रमाण पत्र में आपका नाम तथा अन्य व्यक्तिगत विवरण हैं एवं साइबर अपराधियों द्वारा आपको धोखा देने हेतु इसका दुरुपयोग किया जा सकता है। सतर्क रहें और साइबर सुरक्षित रहें।”

ग़ौरतलब है कि वैक्सीन के पहले डोज के बाद मिलने वाला सर्टिफ़िकेट प्राथमिक है वहीं दूसरी डोज के बाद लोगों को परमानेंट सर्टिफ़िकेट दिया जा रहा है।

2. जरूरी है कोविड वैक्सीन का सर्टिफ़िकेट (A certificate of covid-19 vaccine is required)

कोविड वैक्सीन का सर्टिफ़िकेट को सरकार बेहद जरूरी और संवेदनशील बता रही है, क्योंकि इसमें वैक्सीन लगवाने वाले व्यक्ति के कई महत्वपूर्ण दस्तावेज़, जानकारियाँ दी होती है। उनके पब्लिक हो जाने पर साइबर ठगी का खतरा बना रहता है।

लेकिन कुछ लोग सर्टिफ़िकेट के महत्व को जाने बिना वैक्सीनेशन करवाने के बाद सोशल मीडिया पर इसे शेयर कर रहे हैं। अब इसको लेकर सरकार ने लोगों को सचेत रहने को कहा है और सर्टिफ़िकेट को सोशल मीडिया पर शेयर न करने की बात कही है। 

3. लीगल दस्तावेज़ की तरह है  वैक्सीनेशन सर्टिफ़िकेट

सरकारी दिशा-निर्देश के मुताबिक, यह वैक्सीनेशन सर्टिफ़िकेट एक लीगल दस्तावेज़ की तरह है। इसमें वैक्‍सीन लगवाने वाले व्यक्ति का नाम, उसकी आईडेंटिटी, उसकी रजिस्‍ट्रेशन आईडी दर्ज है। इसके साथ ही इसमें वैक्सीन लगवाने की तारीख, डोज और अन्य जानकारी भी दर्ज है।  ऐसे में इसे सोशल मीडिया पर शेयर करना आपके लिए बेहद खतरनाक हो सकता है।

4. क्यूं खास है वैक्सीनेशन सर्टिफ़िकेट 

आइए जानते हैं आखिर क्यों खास है कोरोना वैक्सीनेशन सर्टिफ़िकेट? 

वैक्सीन लगवाने के बाद मिलने वाला यह सर्टिफ़िकेट भविष्य में आपके बेहद काम आ सकता है। विशेषज्ञों के अनुसार यदि आप वैक्‍सीन लगवाने के बाद यात्रा पर जाते हैं तो आपको यह सर्टिफ़िकेट दिखाना होगा। सर्टिफ़िकेट पर एक QR कोड दिया गया है जिसे स्कैन करते ही वैक्सीन लगवाने वाले की पूरी जानकारी मिल जाएगी। 

5. Covid-19: केंद्र सरकार ने दफ्तरों के लिए जारी किए नए दिशा-निर्देश

केंद्र सरकार ने दफ्तरों के लिए कोरोना वायरस (Coronavirus) संक्रमण के प्रसार की रोकथाम के  मद्देनज़र नए दिशा-निर्देश जारी किए हैं। इसके मुताबिक, अगर संक्रमण के एक या दो मामले सामने आते हैं तो केवल उतने ही भाग को सैनिटाइज करने की आवश्यकता पड़ेगी, जहां पिछले 48 घंटे में मरीज की गतिविधियाँ रही हों। मंत्रालय ने कहा कि अगर कार्यस्थल पर कई मामले सामने आते हैं तो पूरी इमारत अथवा ब्लॉक को सैनिटाइज करने की प्रक्रिया करनी होगी और उसके बाद ही कार्य शुरू किया जा सकता है। 

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Disclaimer:

इस ब्लॉग में हमने Covid-19 वैक्सीन को लेकर सरकार की चेतावनी और कोरोना वायरस के संक्रमण से बचने के लिए जारी नई गाइड लाइन के बारे में बताया है। उम्मीद है यह जानकारी आपको कोरोना या अन्य किसी संक्रमण से बचने में मदद करेगी।

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