Corona Brief news: खुशखबरी!कोविड-19 की R-value गिरी,भारत में वैक्सीन के एडवांस ट्रायल को मिली मंजूरी

covishield vaccine trial

Covid-19 Pandemic: कोविड 19 के बढ़ते संक्रमण के बीच भारत के लिए राहत वाली खबर है। देश के कई इलाकों में कोविड-19 की आर वैल्यू में गिरावट दर्ज हुई है। वहीं ड्रग कंट्रोलर ऑफ इंडिया ने सीरम इंस्टीट्यूट को ऑक्स़फोर्ड के साथ कोरोना वैक्सीन के दूसरे और तीसरे ट्रायल को मंजूरी दे दी है।

1.दिल्‍ली, मुंबई, चेन्‍नई में कोविड-19 की R-value गिरी, जानें इसके मायने

कोविड-19 के संक्रमण के बीच भारत के लिए अच्छी खबर सामने आई है। बतादें, कोविड-19 की आर-वैल्यू यानी रि-प्रोडक्टिव वैल्यू में दिल्ली, मुंबई और चेन्नई में गिरावट आयी है। यह दर्शाती है कि देश के तीन बड़े शहरों में इस महामारी का कहर थमने की राह पर है। 

हालांकि, विशेषज्ञों ने इसके साथ चेतावनी भी दी है कि इस स्तर पर आकर अगर लापरवाही की गई तो संक्रमण फिर से बढ़ सकता है।

Covid 19 R-value falls

मालूम हो, आर-वैल्यू का अर्थ है, एक संक्रमित व्यक्ति के संपर्क में आकर औसतन संक्रमित होने वाले लोगों की संख्या। फिलहाल देश में सबसे ज्यादा आर-वैल्यू 1.48 आंध्रप्रदेश की है। दिल्ली के यह 0.66 है। आर-वैल्यू को और बेहतर तरीके से समझाते हुए इस अध्ययन का नेतृत्व करने वाली चेन्नई के गणितीय विज्ञान संस्थान में भौतिकी की प्रोफेसर ने बताया, इसका अर्थ है कि राष्ट्रीय राजधानी में कोरोना वायरस से संक्रमित किन्हीं 100 लोगों का समूह औसतन 60 लोगों को यह संक्रमण दे सकता है।

भारतीय विज्ञान शिक्षा एंव अनुसंधान संस्थान, कोलकाता में भौतिकी के प्रोफेसर दिव्येन्दु नंदी ने कहा, ‘‘समुदाय में आर-वैल्यू का इतना कम बने रहने का अर्थ है कि महामारी का मौजूदा कहर थम रहा है और इसे नियंत्रित करने वाले उपायों की मदद से निकट भविष्य में काबू किया जा सकता है।” 

2.भारत में ऑक्सफोर्ड की कोरोना वैक्सीन के एडवांस ट्रायल को मंजूरी

भारत में ऑक्सफोर्ड की कोरोना वैक्सीन के एडवांस ट्रायल को ड्रग कंट्रोलर जनरल ऑफ इंडिया से मंजूरी मिल गई है। अब सीरम इंस्टीट्यूट अगस्त केे आखिर तक देश में दूसरे और तीसरे चरण का वैक्सीन ट्रायल शुरू कर सकेगा।

मालूम हो, ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी और एस्ट्राजेनेका कंपनी भारत के सीरम इंस्टीट्यूट के साथ मिलकर वैक्सीन तैयार कर रही हैं। भारत में यह वैक्सीन कोविशील्ड (AZD1222) के नाम से लॉन्च होगी।

Oxford corona vaccine advance trial approved in India

वैक्सीन की सप्लाई भारत समेत 60 दूसरे देशों में होगी। कंपनी द्वारा बनाई जाने वाली कुल वैक्सीन में से 50 फीसदी भारत के लिए होंगी।

अब तक वैक्सीन सुरक्षित साबित हुई

  • मेडिकल जर्नल द लैंसेट में छपी रिपोर्ट के मुताबिक, यह वैक्सीन पूरी तरह सुरक्षित और असरदार है। इस जानकारी के बाद ऑक्सफोर्ड की वैक्सीन फ्रंट रनर वैक्सीन की लिस्ट में आगे आ गई है।
  • ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी ने भी कहा है कि AZD1222 नाम की इस वैक्सीन को लगाने से अच्छा इम्यून रिस्पांस मिला है। वैक्सीन ट्रायल में लगी टीम और ऑक्सफोर्ड के निगरानी समूह को इस वैक्सीन में सुरक्षा को लेकर कोई चिंता वाली बात नजर नहीं आई।

3. रूस में अगले माह से शुरू हो सकता है कोरोना वैक्‍सीन का निर्माण 

COVID-19 Pandemic:  कोरोना वायरस के संक्रमण से पूरी दुनिया जूझ रही है, इसी बीच रूस से अच्छी खबर सामने आई है। रूस (Russia)ने कहा है कि उसका लक्ष्य अगले महीने से कोरोना वायरस वैक्सीन (Coronavirus Vaccine)का बड़े पैमाने पर उत्पादन शुरू करना और अगले साल प्रति माह “कई मिलियन” डोज (Several million dose) तैयार करना है। 

रूस में अगले माह से शुरू हो सकता है कोरोना वैक्‍सीन का निर्माण 

अधिकारियों ने कहा कि देश कई वैक्सीन ट्रायल तेजी से आगे बढ़ रहे हैं और मॉस्को में गेमालेया संस्थान का ट्रायल एडवांस स्‍टेज तक पहुंच गया हैइ। सके बहुत जल्‍द ही राज्‍य रजिस्‍ट्रेशन की प्रक्रिया पूरी करने की उम्‍मीद है।

4. कोरोना के कारण हुक्का और हुक्का जैसे यंत्रों के इस्तेमाल पर रोक

दिल्ली में बढ़ते कोरोना संक्रमण के मद्देनज़र सरकार ने हुक्का और हुक्का जैसे यंत्रों के इस्तेमाल पर रोक लगा दी है। सरकार के आदेश के मुताबिक, ‘तंबाकू वाला हुक्का या फिर हर्बल हुक्का, वाटर पाइप और अन्य हुक्का जैसे यंत्रों का सभी होटल,रेस्टोरेंट, खाने की दुकान, बार, पब और डिस्को समेत सभी सार्वजनिक स्थानों पर इस्तेमाल तुरंत प्रभाव से निषेध किया जाता है’। कोरोना की रोकथाम के लिए सरकार ने यह फ़ैसला लिया है। 

कोरोना सम्बन्धी रिस्क फैक्टर को लेकर डब्ल्यूएचओ की तरफ से जो सूचना जारी की गई है, उसके अनुसार ये स्थितियां खतरनाक हो सकतीं हैं। धूम्रपान करने वालों में कोरोना संक्रमण की आशंका ज्यादा रहती है।

क्योंकि सिगरेट के सेवन में उंगलियां, होठों के सम्पर्क में आती हैं और यह संक्रमण फैलाने का कारण हो सकता है। धूम्रपान करने वाले पहले से फेफड़ा सम्बन्धी रोग के शिकार हो सकते हैं, जो कोरोना संक्रमण की स्थिति में ज्यादा गम्भीर साबित हो सकता है। 

धूम्रपान से जुड़े वाटर पाइप में सामान्यतः माउथ पीस या नली का इस्तेमाल होता है और इसे एक दूसरे के साथ शेयर किया जाता है, जो संक्रमण का कारण हो सकता है।

Delhi government prohibits use of instruments like hookah and hookah due to corona

शरीर में ऑक्सीजन की जरूरत बढ़ाने वाली स्थिति या ऑक्सीजन के इस्तेमाल की शारीरिक क्षमता घटाने वाली स्थिति मरीज को खतरे में डाल सकती है।

इन सब के मद्देनजर दिल्ली सरकार ने महामारी एक्ट के तहत फैसला किया है कि दिल्ली में हर तरह हुक्का पर तत्काल प्रभाव से प्रतिबंध होगा। 

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