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Corona Brief News: कोरोना वैक्सीन की एक डोज से वायरस से बचना मुश्किल, भारत में ये है स्थिति !

Corona Brief News: कोरोना वैक्सीन की एक डोज से वायरस से बचना मुश्किल, भारत में ये है स्थिति !

Corona Vaccine update: कोरोना वैक्सीन को लेकर अमेरिका के वैज्ञानिकों ने चेतावनी दी है कि वायरस से बचने के लिए वैक्सीन की एक डोज से काम नहीं चलेगा । इस बात पर ग़ौर किया जाए तो भारत को 260 करोड़ डोज चहिए होगी। वैज्ञानिकों का कहना है कि लोगों को दो डोज की जरूरत पड़ सकती है और यही सबसे बड़ी चुनौती है। 

1.वैक्सीन की एक डोज से नहीं मरेगा वायरस

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One Shot Of Coronavirus Vaccine Likely Would Not Be Enough for Survival
  • न्यूज रिपोर्ट्स के मुताबिक, एक डोज इंसान के वायरस से बचाव के लिए काफी नहीं होगी। ट्रायल में सबसे आगे चल रहीं मॉडरेना (Moderna), एस्ट्राजेनेका (AstraZeneca), नोवावैक्स (Novavax) और सनोफी (Sanofi) ने स्पष्ट कहा है कि उन्हें ट्रायल में एक से ज्यादा डोज का इस्तेमाल करना पड़ा है ऐसे में तैयार वैक्सीन के भी सिंगल शॉट से काम बनेगा ऐसा मुश्किल नजर आ रहा है। 
  • Covid-19 vaccine update: ट्रायल में सबसे आगे चल रहीं कोरोना वैक्सीन बनाने वाली कंपनियों का मानना है कि वैक्सीन की एक डोज काफी नहीं होगी और कम से कम दो डोज देनी ही होंगी। ज्यादातर फेज-3 ट्रायल में लोगों को डबल डोज ही दी गयीं हैं। हालांकि इससे दुनिया की फार्मा कंपनियों पर बोझ भी डबल होने जा रहा है।

2. Unlock-4 की सारी जानकारी यहां- 

कोरोना महामारी (Corona Pandemic) में लगाए लॉकडाउन के बाद देश में अनलॉक की प्रक्रिया जारी है।  गृह मंत्रालय (Home Ministry Affairs) ने अनलॉक-3 (Unlock 3) खत्म होने से दो दिन पूर्व अनलॉक-4 (Unlock 4) के लिए गाइडलाइन्स जारी कर दी है।

अनलॉक-4 की नई गाइडलाइन (unlock-4 new guidelines) के मुताबिक सामाजिक, शैक्षणिक, खेल, मनोरंजन, सांस्कृतिक, धार्मिक, राजनीतिक कार्यक्रम अन्य सभाओं में 100 लोगों तक शामिल होने के लिए छूट दिए जाएंगे। इस दौरान, मास्क, सोशल डिस्टेंसिंग, थर्मल स्क्रीनिंग और सैनेटाइजर का उपयोग अनिवार्य होगा।

अनलॉक-4 में किसे मिलेगी छूट

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Unlock 4 guidelines who will get permission in the country and what will remain closed know here

महानगरों में मेट्रो रेल सेवाओं को 7 सितंबर 2020, से श्रेणीबद्ध तरीके से संचालिक करने के लिए अनुमति दी गई है।  हालांकि गृह मंत्रालय द्वारा दिए गए दिशा-निर्देशों का पालन करना होगा। 

– साथ ही ओपन एयर थियेटर के लिए 21 सितंबर से अनमुति दे दी गई है.

  • गृह मंत्रालय के नए निर्देशों के मुताबिक अनलॉक-4 में भी छात्रों के लिए स्कूल, कॉलेज, कोचिंग समेत शैक्षणिक संस्थान 30 सितंबर तक बंद रहेंगे। गाइडलाइन्स के मुताबिक इस दौरान रेगुलर क्लास एक्टिविटी नहीं रहेगी। फिलहाल ऑनलाइन क्लासेज जारी रहेंगी।

3. बांग्लादेशी कंपनी का सीरम इंस्टीट्यूट से करार-

bangladesh

A step forward for india and bangladesh in new vaccine deal

कोरोना वैक्सीन को लेकर बांग्लादेश और भारत दोनों ने एक कदम आगे हाथ बढ़ाया है। दरअसल, 

बांग्लादेशी कंपनी ने कोरोना वैक्सीन को लेकर भारत के पुणे स्थित सीरम इंस्ट‍िट्यूट के साथ करार किया है, जिसके बाद बंग्लादेश उन प्रमुख देशों में शामिल हो गया है जिन्हें सीरम इंस्टीस्यूट पहले वैक्सीन सप्लाई करने वाला है। 

जानकारी के मुताबिक, बांग्लादेश की सबसे बड़ी दवा निर्माता कंपनी यानी फार्मा कंपनी बेग्ज‍िमको (Beximco) ने भारत में अदार पूनावाला के सीरम इंस्ट‍िट्यूट लिमिटेड (SIL) में कोरोना वैक्सीन के विकास के लिए निवेश करने की घोषणा की है। 

हालांकि यह निवेश कितने का होगा इस बात का खुलासा नहीं किया गया है लेकिन यह SIL द्वारा प्राथमिकता के आधार पर बेग्ज‍िमको फार्मा लिमिटेड (BPL) को वैक्सीन की आपूर्ति की प्रतिबद्धता पर निर्भर करेगा। 

4. कोरोना का टीका कैसे पहुँचेगा आप तक, जानें वैक्सीन का सफर

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How Corona Vaccine Will Reach Us Know How Vaccine Developed

Corona Vaccine: कोरोना वैक्सीन का टीका आप तक कैसे पहुँचेगा और इसमें समय लगने का क्या कारण है? इस लेख में इस सब की जानकारी दी जा रही है। 

विश्व स्वास्थ्य संगठन के अनुसार, इस समय दुनियाभर में करीब 170 टीकों पर काम चल रहा है, जिनमें से 30 का क्लीनिकल ट्रायल चल रहा है। वैक्सीन तैयार होने के बाद इसे ठंडा रखने के लिए सूखी बर्फ या जमी हुई कार्बन-डाइ-ऑक्साइड वाले डिब्बे में रखा जाता है। 

वैक्सीन के ट्रायल से लेकर मार्केट में आने तक की प्रक्रिया 

किसी भी वैक्सीन पर काम शुरु होने से पहले उसका प्री-क्लीनिकल ट्रायल होता है। इसमें किसी जानवर पर वैक्सीन का ट्रायल किया जाता है। आमतौर पर बंदर या चूहों पर ट्रायल होता है। 

इंसानों पर 3 फेज में होता है ट्रायल 

फेज-1– इसमें 20 से 80 वयस्कों पर वैक्सीन का ट्रायल होता है। इसमें ट्रायल सफल होने के बाद ही वैक्सीन बनाने वाली कंपनी को लाइसेंस मिलता है और इसके बाद इसका प्रॉडक्शन शुरु होता है। (और पढ़ें- आयु कार्ड से अपने परिवार को विशेषज्ञ डॉक्टर से साल-भार फ्री परामर्श दिलाएं)

फेज-2- प्री-क्लिनिकल डेवलपमेंट में जानवरों पर परीक्षण होता है

  • सूखी बर्फ या जमी हुई कार्बन-डाई ऑक्साइड में रखते हैं वैक्सीन
  • क्लिनिकल ट्रायलः इसमें पहली बार इंसानों पर परीक्षण होता है, इसके भी 3 चरण
  • 20 डिग्री रखा जा सकता है स्टोरेट रूम का तापमान
  • कांच की शीशियों के साथ वैक्सीन रखने के लिए फ्रिज की भी चुनौती

5. भारत में कब कंट्रोल में आएगा कोरोना, स्वास्थ्य मंत्री 

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Health minister told when corona will come under control in india

दुनिया में बढ़ते कोरोना संक्रमण की दर के बाद स्वास्थ्य मंत्री हर्षवर्धन ने भारत से कोरोना वायरस कब जाएगा। इसकी जानकारी दी। स्वास्थ्य मंत्री  डॉ. हर्षवर्धन ने उम्मीद जताई कि दीवाली तक हम Covid-19 महामारी को काफी हद तक नियंत्रण में लाने में सफल हो जाएंगे। 

उम्मीद है कि अगले कुछ महीनों में, संभवत: दीवाली तक हम कोरोना वायरस संक्रमण के प्रसार को काफी हद तक नियंत्रित कर लेंगे। 

अनंतकुमार फ़ाउंडेशन द्वारा आयोजित ‘नेशन फर्स्ट’ वेब सेमिनार में केन्द्रीय मंत्री ने कहा कि डॉक्टर देवी प्रसाद शेट्टी और डॉक्टर सी.एन. मंजूनाथ जैसे विशेषज्ञ इस बात पर संभवत: सहमत होंगे कि कुछ वक्त बाद यह भी अतीत में आए अन्य वायरस की तरह सिर्फ स्थानीय समस्या बनकर रह जाएगा।

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