Latest health update: कोरोना वायरस की नई टेस्टिंग किट, ‘फूंक मारते ही सेकेंडों में आएगी रिपोर्ट

कोरना वायरस Coronavirus testing report in 30 seconds

कोरोना वायरस (Coronavirus) के संक्रमण को रोकने के लिए तमाम तरह के प्रयास और प्रयोग किए जा रहे हैं। हाल ही में कोरोना वायरस की नई टेस्टिंग किट के आने की बात भारत में इजराइल के राजदूत रॉन मल्का ने कही है। जो फूंक मारते ही सेकंड्स में कोरोना का पता लगाएगी।

1.फूंक मारते ही सेकेंडों में आएगी कोरोना की रिपोर्ट

  • कोरोना वायरस (Coronavirus)  के लिए नई टेस्टिंग किट पर भारत और इजराइल (India and Israel) मिलकर काम कर रहे हैं, यह किट एक मिनट से भी कम समय में कोविड-19 की जांच (COVID-19 testing) के नतीजे बता देगी।
  • भारत में इजराइली राजदूत रॉन मल्का के मुताबिक कोरोना वायरस (Coronavirus) की नई टेस्टिंग किट (New testing Kit) जल्द ही बाज़ार में आने वाली है। इस तकनीक में किसी व्यक्ति को एक ट्यूब में बस फूंक मारनी होगी और 30-4-50 सेकंड में कोरोना टेस्टिंग के नतीजे आ जाएंगे। 
  • भारतीय और इजराइली अनुसंधानकर्ताओं ने चार विभिन्न प्रकार की प्रौद्योगिकी के लिये भारत में बड़ी संख्या में नमूने एकत्र करने के बाद परीक्षण किये हैं, इनमें सांस की जांच करना और आवाज़ की जांच करना भी शामिल है, जिसमें कोविड-19 का त्वरित पता लगाने की क्षमता है।
  • ‘आइसोथर्मल’ जांच भी है, जिसके जरिये लार के नमूने में कोरोना वायरस की मौजूदगी की पहचान की जा सकती है और ‘पोली-अमीनो एसिड’ का उपयोग करते हुए भी एक जांच है, जो कोविड-19 से संबद्ध प्रोटीन को अलग-थलग करती है।

2. कोरोना से ठीक हुए मरीज़ हो रहे हैं लकवे का शिकार

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COVID-19 damaging speech language coordination virus targeting the central nervous system

कोरोना से ठीक हुए कई मरीजों को न्‍यूरोलॉजिकल समस्‍या हो रही है और वो लकवे के भी शिकार हो रहे हैं। हाल में हुई एक रिसर्च में चौंकाने वाले खुलासे के अनुसार, हॉस्पिटल में भर्ती 5 में से 4 कोविड-19 (Covid-19) मरीज़ों में न्यूरोलॉजिकल यानी दिमाग़ का रोग देखा जा रहा है। कई मरीज़ स्ट्रोक यानी लकवे का शिकार हो रहे हैं और इनमें से एक तिहाई मरीज़ों को बोलने में दिक़्क़त हो रही है।

कोविड -19 के कारण 40% मरीज़ों में ये परेशानी लंबी और गंभीर रूप में है। ऐसे ही एक मरीज ने डॉक्‍टर को बताया कि उनके गले से आवाज़ नहीं निकल रही और बोलने में समस्‍या आ रही है। डॉक्‍टर ने उन्‍हें दिलासा देते हुए कहा कि धीरे-धीरे सब ठीक हो जाएगा। 

एक 48 साल का मरीज़ 8 अगस्त को कोरोना पॉजिटिव हुआ था, तबियत ज्यादा बिगड़ने पर 19 अगस्त को मुंबई के एक अस्पताल में भर्ती हुए तो पता चला निगेटिव तो हो गए हैं, लेकिन ब्रेन स्ट्रोक यानि लकवा के कारण ब्रेन का बायां हिस्सा डैमेज हुआ है। 

3. ऐसे करें ब्लड प्रेशर, हार्ट, आयरन और ब्रेस्ट कैंसर की जांच

कोरोनाकाल में कई बीमारियों के गंभीर होने का खतरा है, ऐसे में 10 मिनट निकाल कर घर में  ब्लड प्रेशर, हार्ट, आयरन और ब्रेस्ट कैंसर की जांच करें। एक्सपर्ट्स के अनुसार, मस्से या तिल का आकार और रंग में बदलाव हो रहा है तो यह कैंसर का इशारा हो सकता है। 

ब्रेस्ट में किसी तरह की गांठ या दर्द महसूस हो तो यह ब्रेस्ट कैंसर का लक्षण हो सकता है, ऐसा होने पर डॉक्टरी सलाह लें। 

कोरोनाकाल में अगर घर से बाहर नहीं निकल पा रहे हैं तो 5 से 10 मिनट का समय निकालकर कुछ जांचें घर पर भी की जा सकती हैं।

  • दिल का स्वास्थ्य जानने के लिए कलाई का इस्तेमाल करें
  • असंतुलन में क्या करें
  • शरीर पर तिल या मस्सा बदलना कैंसर का इशारा
  • ऐसे करें ब्लड प्रेशर की जांच
  • ऐसे कंट्रोल करें बीपी
  • आयरन की कमी को इन लक्षणों से समझें

दिल का स्वास्थ्य चेक करने के लिए अपनाएं ये तरीका…

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दिल का स्वास्थ्य चेक करने के लिए एक हाथ की कलाई की नसों को दूसरे हाथ की तर्जनी उंगली से हल्के से दबाएं। इस दौरान जिस हाथ को पकड़कर चेक कर रहे हैं, उसकी हथेली ऊपर की ओर होनी चाहिए। 

कलाई की नस दबाने पर धड़कनों को आसानी से गिन सकते हैं। अब अपने दिल की धड़कनों को पूरे एक मिनट तक गिनें।

हृदय की आदर्श गति 72 धड़कन प्रति मिनट है, लेकिन सामान्यतः दिल एक मिनट में 60-100 बार धड़कता है। यदि आपकी गिनती इससे ज्यादा या कम है तो सतर्क होने की जरूरत है। 30 की उम्र के बाद ये जांच महीने में एक बार जरूर करें।

ब्लड प्रेशर की जांच ऐसे करें

अगर आपको किसी भी तरह से शारीरिक गति विधि में परेशानी हो तो इसका कारण ह्रदय की असंतुलित गति भी हो सकती है। इसलिए धड़कनों को सामान्य रखने के लिए रोजाना व्यायाम और सैर करें। आप शारीरिक रूप से सक्रिय होंगे, तो धड़कनें भी संतुलित रहेंगी। व्यायाम चुनने से पहले डॉक्टर से परामर्श लेना उचित होगा।

ऐसे कंट्रोल करें बीपी

रक्तचाप को नियंत्रित रखने के लिए एक गिलास गर्म पानी में आधे नींबू का रस निचोड़कर पिएं। रोजाना थोड़ा व्यायाम करने से जल्दी और प्रभावी परिणाम मिलेंगे। इसके अलावा दाल चीनी पाउडर को खाने में शामिल करें।

  • ऐसे कंट्रोल करें बीपी: रक्तचाप को नियंत्रित रखने के लिए एक गिलास गर्म पानी में आधे नींबू का रस निचोड़कर पिएं। रोजाना थोड़ा व्यायाम करने से जल्दी और प्रभावी परिणाम मिलेंगे। इसके अलावा दाल चीनी पाउडर को खाने में शामिल करें।
  • कैसे पूरी करें आयरन की कमी : मूंगफली, काजू, कद्दू के बीज, अखरोट, बादाम, अलसी के बीज, किशमिश, तरबूज, अनार, ब्रॉकली, पालक, छिलके सहित आल, नींबू आदि का सेवन करने से आयरन की कमी दर होगी। इसके अलावा चिकित्सक की सलाह पर आयरन सप्लिमेंट्स का सेवन किया जा सकता है।

4. रिकवरी के बाद भी हो सकते हैं कोरोना के शिकार, रखें इन बातों का ख्याल

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कोरोना के मरीज़ रिकवरी के बाद भी कोरोना संक्रमण के शिकार हो रहे हैं। इसका कारण ये भी है कि ठीक होने के बाद मरीज़ फिर से लापरवाही बरतना शुरु कर देता है। 

वायरस के संक्रमण से उबरने के बाद भी कुछ लोगों को सांस लेने में तकलीफ़, न्यूमोनिया, पाचन संबंधी गड़बड़ी और कमजोर इम्यूनिटी जैसी समस्याएं हो सकती है। ऐसी स्थिति उनमें वायरल फीवर, टीबी या न्यूमोनिया से संक्रमित होने की आशंका बढ़ जाती है। 

कमजोर इम्यूनिटी के कारण दोबारा बीमार पड़ने के बाद ऐसे मरीजों की सेहत में धीमी गति से सुधार होता है। जिस तरह टीबी या न्यूमोनिया के बाद गंभीर किस्म के कोविड-19 संक्रमण के बाद भी लंग्स पर ऐसे निशान बन सकते हैं, जिन्हें फाइब्रोसिस कहा जाता है। 

इन बातों का रखें ध्यान

रोजाना शरीर के तापमान, ऑक्सीजन लेवल और हृदय गति की जांच करें। कुछ ही असामान्य नज़र आए तो अपने डॉक्टर को जरूर बताएं।

रिकवरी के तीन दिन तक क्वारंटाइन रहें।

शरीर में कमजोरी होने पर इसे नज़रअंदाज़ न करें।

प्रोटीन और पोषणयुक्त आहार लें।

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