Corona update: कोरोना से लड़ाई में 21 दिन की देशबंदी, इन खास बातों का रखें ध्यान

Corona update
  • देशभर में अबतक कोरोना के 633 केस, 15 लोगों की मौत
  • कोरोनावायरस की चेन तोड़ने के लिए 21 दिन तक देश लॉकडाउन

देशभर में कोरोना वायरस के मामलों में तेजी आई है। मरीजों की संख्या 633 हो गई है। कोरोना की चपेट में आकर अब तक 15 लोग जान गंवा चुके हैं। तमिलनाडु में कोरोना से मौत का पहला मामला है। खास बात है कि यह शख्स विदेश गया ही नहीं था। प्रधानमंत्री ने 23 मार्च को 21 दिन तक देश को लॉकडाउन करने की घोषणा की।

प्रधानमंत्री की लोगों से अपील

प्रधानमंत्री ने सोमवार को ट्वीट कर कहा- लॉकडाउन को अभी भी कई लोग गंभीरता से नहीं ले रहे हैं। कृपया करके अपने आप को बचाएं, अपने परिवार को बचाएं, निर्देशों का गंभीरता से पालन करें।  उन्होंने राज्य सरकारों अनुरोध किया कि  वो नियमों और कानूनों का पालन करवाएं। इससे पहले रविवार को भी उन्होंने लॉकडाउन किए गए शहरों के लोगों को घरों से बाहर न निकलने के लिए कहा था।

वहीं भारतीय रेलवे की ओर से जारी एक अपील में कहा गया है, ‘भारतीय रेल कभी युद्धकाल में भी नहीं रुकी
कृपया परिस्थितियों की गम्भीरता समझिए घर में ही रहिये’

वायरस से ठीक होने के बाद भी लोग गंवा रहे जान

इंडियन काउंसिल फॉर मेडिकल रिसर्च (आईसीएमआर) के मुताबिक, रविवार को सबसे ज्यादा 81 लोगों में संक्रमण की पुष्टि हुई, यह एक दिन में सर्वाधिक है।  जयपुर और मुंबई में वे दो कोरोना को हरा चुके थे, लेकिन फिर भी जिंदगी से हार गए। कोरोना वायरस से ठीक होने के बाद भी क्या जान का खतरा बना रहता है? पहले जयपुर और आज महाराष्ट्र में हुई मौत से यह सवाल सभी को परेशान कर रहा है। दोनों जगहों पर मरीज कोरोना से ठीक हो चुके थे, फिर अन्य बीमारी से दोनों की जान चली गई।

क्यों हो रही रिकवर होने के बाद मौत

डॉक्टरों का मानना है कि कोरोना पूरी बॉडी पर असर डालकर दिल, फेफड़ों, किडनी पर गंभीर असर डालता है। यह बिल्कुल नए तरीके का वायरस है। इसके कैरेक्टर के बारे में किसी को नहीं पता।   कोरोना का सबसे पहले असर फेफड़ों और आंत पर होता है। उसके बाद किडनी और फिर लिवर पर। इस तरह यह वायरस पूरे शरीर पर असर करता है। जो इस वायरस से बच जाए, उसकी किस्मत अच्छी होती है। लेकिन इससे उबरे मरीज के लंग्स में फिर भी बीमारी की गुंजाइश बनी रहती है। कई को किडनी और दिल की प्रॉब्लम हो जाती है। इससे बाद में मौत भी हो जाती है।

अपडेट्स

कोरोना वायरस को रोकने का सबसे आसान तरीका

इंडियन काउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च यानी ICMR के डायरेक्टर जनरल बलराम भार्गव ने बताया कि वायरस को फैलने से रोकने का सबसे आसान तरीका यही है कि बाहर से आए लोगों को आइसोलेट करके रखा जाए। वायरस हवा में मौजूद नहीं होता है. यह खांसने या छींकने पर निकलने वाले ड्रॉप्लेट्स से फैलता है। साथ ही उन्होंने बताया कि इस बीमारी से डरने की जरूरत नहीं है। उन्होंने कहा कि इस वायरस से संक्रमित 80 प्रतिशत लोगों को ज़ुकाम और हल्का बुखार महसूस होगा और वो ठीक हो जाएंगे।  20 प्रतिशत लोगों को ज्यादा सर्दी, खांसी, बुखार होगा और इनमें से पांच प्रतिशत लोगों को ही अस्पताल में भर्ती करने की जरूरत पड़ती है। कुछ मामलों में उन्हें नई दवाइयां दी जा रही हैं।

आइसोलेशन और क्वारंटाइन बेड के आंकड़े चौकाने वाले

भारत में बढ़ते कोरोना वायरस के संक्रमण से हर कोई डरा हुआ है। ऐसे में जो लोग इस खतरनाक वायरस से संक्रमित हैं उन्हें क्वारंटाइन करने और अच्छी चिकित्सा के लिए सरकार ने आइसोलेशन वार्ड बनाए हैं। लेकिन हेल्थ मिनिस्ट्री ने एक चौंकाने वाला खुलासा किया है। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय द्व्रारा जारी किए आंकड़ों के अनुसार, देश में 17 मार्च तक 84000 लोगों पर एक आइसोलेशन बेड और 36000 लोगों पर एक क्वारंटाइन बेड है। इतना ही नहीं आकड़ों में यह भी कहा गया है कि प्रति 11,600 भारतीयों पर एक डॉक्टर और 1826 भारतीयों के लिए अस्पताल का एक बिस्तर है।

कोरोना पर लगाम के लिए फिजिकल डिस्टेंस है जरूरी

इसका अर्थ लोगों से दूरी बनाए रखना है। अगर बाहर जाते हैं तो लोगों से कम से कम 6 फीट की दूरी बेहद जरूरी है। कोरोना से बचने के लिए स्वास्थ्य मंत्रालय शुरू से ही लोगों को भीड़-भाड़ वाली जगहों से बचने की अपील करता रहा है। ऐसा इसलिए भी क्योंकि भीड़ में यह पता नहीं होता कि कौन इस खतरनाक वायरस से संक्रमित है? अगर किसी को इसका संक्रमण होगा तो दूसरे भी इसकी चपेट में आ सकते हैं। इस स्थिति में संक्रमण बढ़ने का खतरा ज्यादा होता है।

सर्दी-जुकाम से पीड़ित लोगों से दूरी रखें

सोशल डिस्टेंस यानी सामाजिक दूरी के जरिए इस गंभीर वायरस के संक्रमण को रोका जा सकता है। अगर किसी को सर्दी-जुकाम या फिर खांसी की समस्या है तो ऐसे लोगों करीब जाने से परहेज करना चाहिए। इसके साथ ही किसी भीड़ वाली जगह पर कम से कम लोगों से 6 फीट की दूरी जरूरी है।

आयु है आपका सहायक

प्रधानमंत्री ने राष्ट्र के नाम अपने संबोधन में लोगों को संकल्प लेने को कहा है कि वे केंद्र और राज्य सरकारों के परामर्श का अनुपालन करेंगे। मोदी ने लोगों से अनुरोध किया कि वे नियमित जांच के लिए अस्पताल जाने से बचें ताकि स्वास्थ्यकर्मियों पर दबाव कम हो। ऐसे में आयु ऐप आपको कोरोना या किसी भी अन्य बीमारी से लड़ने और उसकी संपूर्ण जानकारी विशेषज्ञ डॉक्टरों के द्वारा आपको घर बैठे निशुल्क उपलब्ध करवा रहा है। आप इस ऐप के माध्यम से विशेषज्ञ डॉक्टरों से परामर्श और इलाज की सुविधा ले सकते हैं इसके लिए नीचे दिए गए लिंक पर क्लिक करें।


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