खाने की पैकेजिंग से कोरोना वायरस का ख़तरा है, जानें! क्या है सच्चाई

food packaging

साल 1918 में इंफ्लुंजा या स्पेनिश फ़्लू ने भारी तबाही मचाई थी, अब साल 2020 में भी कोरोना महामारी कुछ इसी तरह से न केवल एक देश बल्कि संपूर्ण विश्व में तबाही का मंज़र दिखा रही है। 1918 स्पेनिश फ़्लू से निपटने के लिए संसाधनों की कमी थी विज्ञान भी विकसित न था, लेकिन इन 100 सालों में विज्ञान ने ख़ासी तरक्की की है। मगर फिर भी लोग अफ़वाहों पर ज्यादा ध्यान देते हैं। ख़ैर, अब कोरोना को लेकर इंटरनेट की दुनिया में तमाम तरह का कंटेंट है। लोग घरों में कैद हैं और अफ़वाह है कि खाने की पैकेजिंग से कोरोना वायरस फैलता है। आइए, जानते है क्या है इसकी सच्चाई-

क्या खाने की पैकेजिंग से फैल सकता है कोरोना वायरस?

  1. अभी तक इस तरह का कोई मामला सामने नहीं आया जिससे यह पता लगाया जा सके कि कोरोना वायरस का संक्रमण खाने के सामान और पैकेजिंग से फलता हो।
  2. वैज्ञानिकों के मुताबिक़, इस मामले में ‘ज़ीरो रिस्क’ जैसी कोई चीज़ ही नहीं है। जब खाना पैक किया जाता है तो वो एक हाथ से दूसरे हाथ में जाता है और यह एक बहुत बड़ी चिंता है। उनका कहना है अगर आप पैकिंग वाला खाना इस्तेमाल करने वाले हैं तो उसे इस्तेमाल करने से 72 घंटे पहले या तो स्टोर कर लें या फिर उसे स्प्रे कर लें। 
  3. इसके अलावा जिस प्लास्टिक या ग्लास के कंटेनर में खाना पैक करके आया है उसे सैनेटाइज़्ड वाइप से पोछ लें। 
  4. अगर आप फल या सब्ज़ी मंगा रहे हैं तो ध्यान रखें वो एक हाथ से दूसरे हाथ में गई होंगी। इन चीज़ों को रखने से पहले बहते पानी में अच्छी तरह धोएं। जब पानी निकल जाए तो इन्हें सुरक्षित रख दें।

Note: सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करते हुए ऐसे करें अपनों की मदद –

कोरोना से बचने में कितना सुरक्षित है डिलीवरी सिस्टम

किसी शॉपिंग स्टोर पर जाकर सामान ख़रीदने से कहीं अधिक सुरक्षित है कि आप घर पर ही सामान लें।

हालांकि इसे पूरी तरह सुरक्षित नहीं माना जा सकता। जब कोई चीज़ आप तक पहुँचती है तो वो कई हाथों से होकर आती है उसके बाद जिस गाड़ी में उसे रखकर लाया गया वो कितनी साफ़ और सुरक्षित थी ये भी एक मुद्दा है।

फ़ूड सेफ़्टी एक्सपर्ट्स की सलाह के अनुसार, अगर आप डिलीवरी सिस्टम से काम चला रहे हैं तो अपने घर के मुख्य दरवाज़े पर एक नोट लगा दें। इस पर लिखा हो कि कृपया घंटी बजाकर थोड़ा पीछे खड़े हो जाएं। ऐसा करने से आप उस शख़्स के सीधे संपर्क में ना आकर संक्रमित होने से बच सकते हैं। 

यूनिवर्सिटी ऑफ ससेक्स के वायरोलॉजी एक्सपर्ट प्रोफ़ेसर एलिसन सिनक्लेयर कहते हैं, “किसी दोस्त या फिर किसी और के हाथों घर का सामान मंगाते हैं तो उसकी तुलना में ऑनलाइन डिलीवरी अधिक सुरक्षित होनी चाहिए।”

कुछ विशेषज्ञ यह भी सलाह देते हैं कि प्लास्टिक बैग इस महामारी के दौरान एक बार से ज़्यादा बार इस्तेमाल नहीं करना चाहिए।

संक्रमण से बचने के लिए कुछ बातों का रखें ध्यान

  • बाज़ार या दुकान से घर आकर 20 सेकंड तक अपने हाथों को साबुन से धोएं
  • फल, सब्जियों के साथ साथ दूध, दही और अन्य चीजों के पैकेट को भी अच्छी तरह से धोएं
  • खाने की पैकेजिंग से उसका बाहरी कवर हटा सकते हैं तो उसे घर पहुंचने से पहले ही हटाकर कूड़ेदान में डाल दें
  • जिस पैकेट को धो नहीं सकते तो उसे डिसइंफेक्टेंट की मदद से साफ कर लें
  • बाहर से लाये हुए तैयार खाना और डिब्बा बंद खाने को अच्छे से जांच ले, कहीं उसमें बदबू या रंग में बदलाव तो नहीं है
  • खाने को अच्छे से पकाकर ही खाएं, खासकर मांसाहारी चीजें जैसे मछली और मीट

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