चिकन पॉक्स के कारण, लक्षण और घरेलू उपाय

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चिकन पॉक्स (Chicken Pox) रोग एक से दूसरे में फैलने वाली बीमारी है. इस बीमारी में शरीर पर लाल छोटे दाने होने लगते हैं, जिसमें खुजली होती है. यह वेरिसेला जोस्टर वायरस के संपर्क में आने की वजह से होता है. भारत के ज्यादातर राज्यों में चिकन पॉक्स को छोटी माता भी कहा जाता है. आइए जानते है चिकन पॉक्स के कारण लक्षण और उपायों के बारे में …

चिकन पॉक्स के कारण |Chicken Pox Cause

यह बीमारी वेरिसेला जोस्टर वायरस के संपर्क में आने के कारण होता है.
यह सर्दी खांसी के द्वारा भी फैल सकता है.
चिकन पॉक्स के दौरान वायरस फफोले के तरल से सीधे फैलता है.
जिस व्यक्ति को चिकन पॉक्स हुआ है, उस व्यक्ति द्वारा इस्तेमाल की जा रही वस्तुओं से भी वायरस फैलता है.

चिकन पॉक्स के लक्षण | Chickenpox symptoms in Hindi

  • छोटी माता आमतौर पर गर्दन, चेहरे और पीठ पर होती है.
  • इस बीमारी का मुख्य लक्षण शरीर के अलग-अलग हिस्सों पर लाल रंग के चंकते दिखना.
  • इस बीमारी में करीब 7 से 10 दिन तक शरीर पर लाल दाने और चकत्ते बने रहते हैं.
  • छोटी माता में पूरी तरह से ठीक होने में समय लगता है क्योंकि पुराने दाने ठीक होते हैं तो नए उभर आते हैं.
  • इस बीमारी में मरीज को पहले बुखार आता है, फिर शरीर में दाने निकलने लगते है.
  • छोटी माता के दौरान भूख का न लगना एक सामान्य लक्षण है.

कैसे करें चिकन पॉक्स से बचाव | Prevention of chickenpox

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  • जब आप को चिकन पॉक्स हो तो ज्यादा से ज्यादा फलों का सेवन करें. अंगूर, केला, सेब, खरबूज आदि फलों का सेवन करना चाहिए. ये फल मरीज के शरीर से कमजोरी को दूर करती है.
  • इस दौरान अच्छी मात्रा में दही का सेवन करना चाहिए. दही में कैल्शियम और प्रोबायोटिक्स भरपूर मात्रा में मौजूद होता है.
  • इस दौरान सबसे पहले नारियल पानी का सेवन करना चाहिए. इसके सेवन से शरीर में पानी की कमी नहीं होती है.
  • नारियल पानी में शून्य कैलोरी होने की वजह से ये शरीर को डंडा और प्रतीक्षा प्रणाली को मज़बूत बनता है.
  • मरीज को दोपहर और रात के भोजन में दाल का जरूर सेवन करना चाहिए.
  • इस दौरान तुलसी और कैमोमाइल हर्बल चाय का भी सेवन कर सकते है.

घरेलू उपचार | Chickenpox Treatments

  • घावों को हमेशा साफ रखें, जब खून निकलना बंद हो जाए तो घाव को साफ पानी से अच्छे से धोएं.
  • एंटीबायोटिक्स क्रीम या मलहम की एक पतली परत लगाए. ये एंटीबायोटिक्स दवाइयां घाव को तेज़ी से ठीक तो नहीं करती, लेकिन वे जीवाणु वृद्धि और संक्रमण को आगे बढ़ने से रोक सकती हैं.
  • कुछ मलहम के कुछ घटक के कारण कुछ लोगों को हल्के दिदोरे हो सकते हैं. यदि दिदोरे दिखाई देते हैं, तो मरहम का उपयोग करना बंद कर दें.
  • छाले के बहार आते ही उन पे नारियल का तेल लगाए. चेचक के पस को उंगलियों पे लगने से बचने के लिए एक रुई की कली से छालों पर तेल लगाए.
  • खरोंच करते समय त्वचा में बैक्टीरिया को स्थनांतरित करने से बचने के लिए नियमित रूप से उंगली के नाखूनों को साफ और काट के रखें.

क्या है मान्यता

मान्यताओं के मुताबिक, चिकन पॉक्स उस इंसान को होता है, जिसपर माता का बुरा प्रकोप पड़ता है. ऐसे में इस दौरान उनकी पूजा करने पर माता व्यक्ति की बॉडी में आती है और बीमारी को ठीक कर देती हैं. लोग चिकन पॉक्स का इलाज करवाने की जगह इस दौरान काफी प्रिकॉशन रखते हैं और 6 से 10 दिन में बीमारी के ठीक होने का इंतजार करते हैं. लेकिन ऐसा नहीं है. चिकन पॉक्स होने पर मरीज को तूरंत डॉक्टर से सलाह लेना चाहिए.

मेडकॉर्डस है आपका सहायक

यदि आपको या आपके घर के किसी सदस्य में छोटी माता के लक्षण दिख रहे हैं, तो आज ही हमारे टोल फ्री नंबर +91-781-681-1111 पर कॉल करें और नज़दीकी सेहत साथी के पास जा कर एक्सपर्ट डॉक्टर से सलाह लें. याद रहे की लक्षण गंभीर होने पर घरेलु इलाजों पर निर्भर न रहें और जल्द से जल्द डॉक्टर से सलाह लें.

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