पेशाब पीला आने का क्या कारण है, पीलापन दूर करने के उपाय

Causes of Yellow Urine

कई बार हमारे पेशाब का रंग गहरा पीला पड़ जाता है। कई बार मेडिकल कंडीशन और कई आदतों की वजह से पेशाब का रंग बदलता है। आपको पेशाब पीला आने का क्या कारण है पता होना चाहिए।

पेशाब का रंग शरीर में हाइड्रेशन के स्तर से निर्धारित किया जाता है। यदि आप पर्याप्त रुप से हाइड्रेटेड हैं तो आपका पेशाब साफ होता है पर कुछ परिस्थितियों में पेशाब का रंग पीला हो जाता है। पेशाब का रंग जितना गहरा होता है, स्वास्थ्य समस्याएं होने का खतरा उतना ज्यादा होता है। कई परिस्थितियों की वजह से पेशाब का रंग पीला हो जाता है। यूरोबिलिन नामक यूरोक्रोम पिगमेंट पेशाब के रंग के लिए ज़िम्मेदार होता है। अगर आपको आपके पेशाब का रंग गहरा पीला दिख रहा है तो डॉक्टर से कंसल्ट करें। आइये जानते है पेशाब पीला आने का क्या कारण है।

पेशाब पीला आने का क्या कारण है? (Causes of Yellow Urine):

पेशाब पीला आने का क्या कारण है यह जानना जरूरी है क्योंकि इसे नजरअंदाज करने से कई परेशानियाँ हो सकती है। जैसे पेशाब लगातार पीला होना पेशाब के नली में पथरी हो जाने का संकेत हो सकता है। प्रारंभिक अवस्था में अक्सर लोग नजरअंदाज कर देते हैं, लेकिन कमर के नीचे जब असहनीय पीड़ा होने लगती है, तब रोग का पता चलता है।

कम पानी पीने से मूत्रमार्ग में पथरी बनने लगती है। पथरी तीन चीजों से मिलकर बनती है कैल्शियम, फाॅस्फेट व मैग्नेशियम। मूत्रनली की पथरी शुरुआत में दवा से आसानी से निकल जाती है, लेकिन देरी होने पर इसके साइड इफ़ेक्ट होने लगते हैं। देरी होने पर ऑपरेशन ही करना पड़ता है। पथरी होने पर हमेशा डॉक्टर से सलाह लें। हाई प्रोटीन डाइट से पथरी की संभावनाएँ बहुत ज्यादा हो जाती है।

अधिक साग खाने, टमाटर, गोभी, बैंगन खाने वालों में भी पथरी की शिकायत मिलने लगी है। वैसे तो खनिज तत्वों को शरीर में घुल जाना चाहिए, लेकिन कई लोगों के शरीर में यह घुल नहीं पाता है और पथरी बन जाता है।

इससे कई तरह की समस्याएँ हो सकती है जैसे ट्यूमर, यूरिनरी ट्रैक्ट ब्लीडिंग आदि।

पीला पेशाब का इलाज:

सेब का सिरका का सेवन करें: सेब के सिरके में एंटी बैक्टीरियल और एंटीफंगल गुण होते हैं जो इसे एक स्वस्थ पेय बनाते हैं। यह शरीर के पीएच संतुलन को बनाए रखने में मदद करता है क्योंकि इसमें प्राकृतिक मिनरल होते हैं।

गर्म पानी से सिंकाई करें: गर्म पानी से सिंकाई करने से नसों और मांसपेशियों को राहत मिलती है। यह दर्द को कम करता है और लगातार पेशाब आने की समस्या को रोकता है। पेशाब के पीलेपन को भी कम करता है।

दही खाएं: दही में अच्छे बैक्टीरिया होते हैं जो ब्लैडर को स्वस्थ रखने में मदद करता है। यह ब्लैडर और किडनी को ठीक से काम करने में मदद करता है। दही का नियमित रूप से सेवन करें। फ्लेवर्ड दही ना खाएं।

आंवला खाएं: स्वस्थ और फिट रहने के लिए, आंवले का सेवन करें। इसमें विटामिन- सी होता है जौ ब्लैडर इंफेक्शन को कम करता है। थोड़ा आमला जूस लें और इसमें शहद मिलाएं। इस मिश्रण को केले के साथ हर रोज सेवन करें।

पानी का सेवन बंद ना करें: बहुत से लोग सोचते हैं कि पानी का सेवन या तरल पदार्थों का सेवन कम करने से बार-बार पेशाब आने की समस्या कम हो जाएगी। लेकिन ऐसा सच नहीं है। छोटे कप और कम मात्रा में पानी पिएं लेकिन दिन भर पिएं। हालांकि, सोने से पहले पानी ना पिएं।

अस्वीकरण: सलाह सहित इस लेख में सामान्य जानकारी दी गई है। यह किसी भी तरह से योग्य चिकित्सा राय का विकल्प नहीं है।अधिक जानकारी के लिए आज ही अपने फोन में आयु ऐप डाउनलोड कर घर बैठे विशेषज्ञ डॉक्टरों से परामर्श करें। स्वास्थ संबंधी जानकारी के लिए आप हमारे हेल्पलाइन नंबर 781-681-11-11 पर कॉल करके भी अपनी समस्या दर्ज करा सकते हैं। आयु ऐप हमेशा आपके बेहतर स्वास्थ के लिए कार्यरत है।

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