मोतियाबिंद क्या है ? जानें, इसके कारण, लक्षण और उपचार ? Cataract in Hindi

मोतियाबिंद Cataract

मोतियाबिंद (Cataract) आज के समय में हर दूसरे व्यक्ति को है। भारत में हर साल मोतियाबिंद के 50 से 80 प्रतिशत नए मामले सामने आते हैं। विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के हालिया आंकड़ों से यह पता चला है कि भारत में मोतियाबिंद (Cataract) से लगभग 25 प्रतिशत लोग प्रभावित हैं और उन्हें इसका इलाज कराने के लिए मोतियाबिंद सर्जरी (Cataract surgery)की आवश्यकता पड़ती है। हमारे देश में 62.6 प्रतिशत नेत्रहीनता का कारण मोतियाबिंद है।

  1. क्या है मोतियाबिंद? (What is Cataract?-in Hindi)
  2. मोतियाबिंद के लक्षण क्या-क्या होते हैं? (Symptoms of Cataract-in Hindi)
  3. मोतियाबिंद कितने प्रकार का होता है? (Types of Cataract-in Hindi)
  4. मोतियाबिंद के कारण कौन-कौन से होते हैं? (Causes of Cataract-in Hindi)
  5. मोतियाबिंद का इलाज कैसे किया जा सकता है? (Cataract Treatment-in Hindi)
  6. मोतियाबिंद ऑपरेशन के जोखिम (Side-Effects of Cataract Operation-in Hindi)
  7. मोतियाबिंद सर्जरी के बाद सावधानी कौन-कौन सी बरतनी चाहिए? (Post-Precautions of Cataract Surgery in Hindi)

1. क्या है मोतियाबिंद? (What is Cataract?-in Hindi)

मोतियाबिंद आंखों में होने वाला रोग है। यह रोग आंखों के लेंस को प्रभावित करता है जिससे आंखों की रोशनी (Eyesight) चली जाती है। और धुँधला दिखाई देने लग जाता है। नजर धुंधली होने के कारण मोतियाबिंद से पीड़ित लोगों को पढ़ने, नजर का काम करने, कार चलाने (विशेषकर रात के समय) में समस्या आती है।

2. मोतियाबिंद के कारण कौन-कौन से होते हैं? (Causes of Cataract-in Hindi)

मोतियाबिंद क्यों होता है इसके कारणों के बारे में स्पष्ट रूप से पता नहीं है, लेकिन कुछ फैक्टर्स हैं जो मोतियाबिंद का रिस्क बढ़ा देते हैं;

  • उम्र का बढ़ना
  • डायबिटीज़
  • अत्यधिक मात्रा में शराब का सेवन
  • सूर्य के प्रकाश का अत्यधिक एक्सपोजर
  • मोतियाबिंद का पारिवारिक इतिहास
  • उच्च रक्तदाब
  • मोटापा
  • आंखों में चोट लगना या सूजन
  • पहले हुई आंखों की सर्जरी
  • कार्टिस्टेरॉइड मोडिकेशन का लंबे समय तक इस्तेमाल
  • धुम्रपान

3. मोतियाबिंद के लक्षण क्या-क्या होते हैं? (Symptoms of Cataract-in Hindi) 

  • धूंधला दिखाई देना
  • पास की चीजों का नज़र न आना
  • रात में गाड़ी में चलाने में दिक्कत होना
  • दोहरी दृष्टि यानि जब किसी व्यक्ति को कोई एक वस्तु दो नज़र आती है।
  • आंखों के चश्मे या लेंस पहने पर भी परेशानी होना
  • दिन के समय आँखें चौंधियाना
  • चश्मे के नंबर में अचानक बदलाव आना

4. मोतियाबिंद कितने प्रकार का होता है? (Types of Cataract-in Hindi)

मोतियाबिंद मुख्य रूप से 4 प्रकार के होते हैं, जो इस प्रकार हैं-

  • न्यूक्लियर कैटरेक्ट
  • कोर्टिकल कैटरेक्ट-
  • पोस्टीरियर सुब्काप्सुलर कैटरेक्ट-
  • कंजेनिटल कैटरेक्ट-

5. मोतियाबिंद का इलाज कैसे किया जा सकता है? (Cataract Treatment-in Hindi)

  • 40 वर्ष के पश्चात नियमित रूप से आंखों की जांच कराएं
  • सूरज की अल्ट्रावायलेट किरणें मोतियाबिंद विकसित करने में सहायता कर सकती हैं। जब भी बाहर धूप में निकलें सनग्लासेस लगाएं यह यूवी किरणों को ब्लॉक कर देता है
  • अगर आपको डायबिटीज़ या दूसरी स्वास्थ्य समस्याएं हैं जिससे मोतियाबिंद का खतरा बढ़ जाता है उनका उचित उपचार कराएं।
    अपना वजन सामान्य बनाएं रखें
  • रंग-बिरंगे फलों और सब्जियों को अपने भोजन में शामिल करें। इनमें बहुत सारे एंटी-ऑक्सीडेंट्स होते हैं जो आंखों को स्वस्थ्य रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं
  • धुम्रपान छोड़ें और शराब का सेवन कम से कम करें

मोतियाबिंद का उपचार (Treatment of cataract in Hindi)

जब चश्मे या लेंस से आपको स्पष्ट दिखाई न दे तो सर्जरी ही एकमात्र विकल्प बचता है। सर्जरी की सलाह तभी दी जाती है जब मोतियाबिंद के कारण आपके जीवन की गुणवत्ता को प्रभावित होने लगती है। सर्जरी में जल्दबाजी न करें, क्योंकि मोतियाबिंद के कारण आंखों को नुकसान नहीं पहुँचाता है, लेकिन अगर आपको डायबिटीज़ है तो इसमें देरी न करें।

आंखें हमारे शरीर के सबसे महत्वपूर्ण और संवेदनशील अंगों में से एक हैं। अगर आपको या आपके परिवार के किसी सदस्य को मोतियाबिंद है और रोज़मर्रा के काम करने में परेशानी आ रही है तो शीघ्र ही डॉक्टर् को दिखाएं। घर बैठे डॉक्टर से सलाह लेने के लिए अभी आयु ऐप डाउनलोड करें-

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