बच्चों में कैल्शियम की कमी का कारण Calcium deficiency causes in child

कैल्शियम की कमी का कारण

कैल्शियम की कमी का कारण कैसे पता करें? वैसे तो बच्चों में कैल्शियम की कमी होना आम बात है, इसलिए सही तरीका अपनाकर आप अपने बच्चे के स्वास्थ्य का ध्यान रख सकते हैं। बच्चों में कैल्शियम की कमी को पूरी करने के लिए बच्चों की डाइट का खास ख्याल रखना होता है। आइए जानते हैं बच्चों में कैल्शियम की कमी का कारण क्या है? (Know what is calcium deficiency causes in Child)

1. बच्चों में कैल्शियम की कमी का कारण (calcium deficiency causes in Child)

बच्चों में कैल्शियम की कमी का कारण निम्न हैं। 

कई शिशुओं में जन्म के बाद से ही कैल्शियम की कमी देखी गई है। आइए जानते हैं आखिर किन कारणों से शिशुओं में कैल्शियम की कमी होती है-

  • जन्म के दौरान जिन शिशुओं को ऑक्सीजन की कमी होती है,उन्हें कैल्शियम की कमी भी हो सकती है। 
  • अगर मां को डायबिटीज़ की परेशानी है, तो बच्चे के शरीर में कैल्शियम की कमी हो सकती है। 
  • बच्चे में विटामिन डी की कमी से भी कैल्शियम का स्तर कम हो जाता है। 
  • 1 साल से कम उम्र के बच्चे को गाय का दूध देने से उन्हें हाइपोकैल्सीमिया की परेशानी हो सकती है, क्योंकि गाय के दूध में फास्फोरस की अधिकता होती है। इसलिए 1 साल से कम उम्र के शिशु को गाय का दूध ना दें।

2. बच्चों में कैल्शियम की कमी के लक्षण (calcium deficiency Symptoms in Child)

बच्चों में कैल्शियम की कमी के लक्षण का कैसे पता करें? 

कई बच्चों के रोने से हमें समझ नहीं आता है कि आखिर वह क्यों रो रहा है और उसे क्या परेशानी हो रही है? ऐसे में हमें उनके लक्षणों पर ध्यान देने की जरूरत होती है कि आखिर आपका बच्चा क्यों रो रहा है। उनके शरीर में कैल्शियम की कमी के लक्षण आप इस तरह पता कर सकते हैं। 

  • बच्चे का अधिक चिड़चिड़ा होना।
  • मांसपेशियों में ऐंठन की समस्या।
  • हृदय की गति धीमी पड़ सकती है।
  • बच्चे को झटके लगने के साथ-साथ बुखार आना
  • ब्लड प्रेशर कम होना
  • दाँत आने में देरी लगना।
  • रात-भर रोना और शरीर से अधिक पसीना निकलना

3. कैल्शियम की कमी से होने वाले रोग (Calcium deficiency diseases)

कैल्शियम की कमी से होने वाले रोग इस प्रकार हैं। अभी तक किए गए अध्ययनों से स्पष्ट हुआ है कि कैल्शियम की कमी मुख्य रूप से इन 5 बीमारियों का कारण बन सकती है- 

  • दाँतों की संरचना में बदलाव होना- कैल्शियम की कमी से होने वाला प्रमुख रोग या बीमारी दाँतों की संरचना में बदलाव होना है।
    इसकी वजह से दाँतों की कई अन्य समस्याएं जैसे दाँतों में दर्द होना, मसूड़ों से खून आना इत्यादि हो सकते हैं।
  • मोतियाबिंद होना- अक्सर, कैल्शियम की कमी मोतियाबिंद का कारण भी बन सकती है। हालांकि,मोतियाबिंद का इलाज संभव है।
    लेकिन यदि यह लंबे समय तक ला इलाज रहे तो इसकी वजह से आंखों की रोशनी भी जा सकती है।
  • मस्तिष्क में बदलाव होना- कैल्शियम की कमी के ऐसे मामले भी देखने को मिले हैं, जिनमें इसका असर लोगों के मस्तिष्क पर भी पड़ जाता है।
    ऐसी स्थिति में लोगों को मस्तिष्क संबंधी काफी सारी समस्याएं जैसे चीज़ों को भूलना, सिरदर्द होना इत्यादि का सामना करना पड़ता है।
  • हड्डियों का कमज़ोर होना- कैल्शियम का संबंध हड्डियों की मज़बूती से है।
    इसी कारण, जब किसी व्यक्ति के शरीर में कैल्शियम की कमी हो जाती है, तो इसका सीधा असर हड्डियों की क्षमता पर पड़ती हैं और वे कमज़ोर हो जाती हैं।
  • ऑस्टियोपोरोसिस होना- कैल्शियम की कमी ऑस्टियोपोरोसिस (Osteoporosis) की संभावना को भी बढ़ा सकती हैं। ऑस्टियोपोरोसिस हड्डियों की ऐसी बीमारी है, जिससे फ्रेक्चर या चोट लगने की संभावना काफी ज्यादा बढ़ जाती है।

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4. कैल्शियम की कमी कैसे दूर करें? (How to overcome calcium deficiency)

आमतौर पर, कैल्शियम की कमी बहुत सारे लोगों में देखने को मिलती है, लेकिन अगर इसके इलाज के तरीके की जानकारी हो तो इससे निजात पाना आसान हो जाता है।

इस प्रकार, यदि किसी व्यक्ति के शरीर में कैल्शियम की कमी है, तो वह निम्नलिखित तरीके से इसे दूर कर सकता है- 

(ii). इन खाद्य पदार्थों में पाया जाता है कैल्शियम (Calcium foods)

  1. अनाज में: गेहूँ, बाजरा व रागी।
  2. जड़ व कंद में: नारियल का गुड़, शकरकंद (रतालू)।
  3. दूध व दूध के सभी पदार्थ।
  4. दालों में: मूँग दाल, राजमा, सोयाबीन, चना, मोठ।
  5. हरी सब्जियों में: कढ़ी पत्ता, पत्ता गोभी, अरबी के पत्ते, सुरजने के पत्ते, मैथी, मूली के पत्ते, पुदीना हरा, धनिया, ककड़ी, सेम ग्वारफली, गाजर, भिंडी, टमाटर।
  6. मेवों में: मुनक्का, बादाम, पिस्ता, अखरोट व तरबूज के बीज।
  7. फलों में: नारियल, आम, जामफल, सीताफल, संतरा, अनन्नास।
  8. मसालों में: अजवाइन, जीरा, हींग, लौंग, धनिया, कालीमिर्च। 

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ये सभी प्राकृतिक रूप से कैल्शियम प्रदान करने वाले तत्व हैं। ये पदार्थ तुरंत शरीर द्वारा अवशोषित कर लिए जाते हैं। माँ का दूध नवजात शिशु के लिए सर्वोत्तम कैल्शियमयुक्त रसायन है, जो उनमें कैल्शियम की पूर्ति और रोगों से मुक्ति दिलाता है। शरीर को प्रतिदिन 0.8 से 1.3 ग्राम कैल्शियम की आवश्यकता होती है।

6. बड़े लोग कैल्शियम की कमी कैसे दूर करें

  • खान पान में बदलाव करके-
  • एक्सरसाइज़ करके- 
  • कैल्शियम का सप्लीमेंट का सेवन करना- 
  • कैल्शियम के इंजेक्शन लगाना- 
  • कैल्शियम की दवाई खाना-

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डिस्क्लेमर :

कैल्शियम की कमी का कारण, कैल्शियम की कमी के लक्षण क्या हैं और कैल्शियम की कमी को कैसे दूर करें को लेकर इस लेख में दीउम्मीद है कि इस लेख में आपको बच्चों में कैल्शियम की कमी का कारण, और कैल्शियम की कमी को कैसे दूर करें से संबंधित जरूरी जानकारियाँ मिल गई होंगी। स्वास्थ्य से जुड़ी ऐसी अन्य जानकारियाँ प्राप्त करने के लिए आप हमारी वेबसाइट पर प्रकाशित दूसरे लेख को भी पढ़ सकते हैं।

हालांकि, यह लेख केवल सामान्य जानकारी देता है, यह किसी भी तरह से बेहतर डॉक्टर्स का विकल्प नहीं है। इसी तरह की अन्य स्वास्थ्य जानकारी प्राप्त करने के लिए डाउनलोड करें आयु ऐप। आयु ऐप से आप किसी भी स्वास्थ्य समस्या के लिए घर बैठे विशेषज्ञ डॉक्टरों से परामर्श ले सकते हैं।

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