ब्रेस्ट इंफेक्शन क्या है? लक्षण और इलाज

breast infection

ब्रेस्ट इंफेक्शन पहले दूध पिलाने वाली औरतों में मिलता था यानि जिनकी डिलीवरी कुछ ही समय पहले हुई हो। ब्रेस्ट इंफेक्शन का सबसे बड़ा कारण दूध पीते बच्चे के मुँह से माँ के निप्पल में बैक्टीरिया का चले जाना।

ब्रेस्ट इंफेक्शन क्या है? (What is Breast Infection)

ब्रेस्ट इंफेक्शन को मैस्टाइटिस (Mastitis) भी कहते है। ब्रेस्ट इंफेक्शन स्तनपान करवाने वाली महिलाओं या स्तनपान नहीं करवाने वाली महिलाओं में भी हो सकता है। ब्रेस्ट इंफेक्शन स्तनपान करवाने वाली महिलाओं में नवजात के मुँह में मौजूद बैक्टीरिया के कारण होता है या फिर नवजात ठीक से दूध नहीं पी पाता है, जिसे लैक्टेशन मैस्टाइटिस कहते है।

कभी-कभी निप्पल की त्वचा में दरार पड़ने की वजह से बैक्टीरिया स्टेफिलोकोकस ऑरियस (Staphylococcus aureus) ब्रेस्ट के अंदर चला जाता है जिससे मैस्टाइटिस हो जाता है।

ब्रेस्ट इंफेक्शन के कारण (Causes of Breast Infection):

ब्रेस्ट इंफेक्शन निम्नलिखित कारणों से होता है। जैसे:

  • बच्चे ठीक से दूध नहीं पी पाते, ऐसी स्थिति में ब्रेस्ट इंफेक्शन का खतरा शुरू हो जाता है।
  • फीड करवाने में देरी करना या जल्दी-जल्दी फीड करवाना। कितनी देर के अंतराल में शिशु को दूध पिलाना चाहिए इस बात की डॉक्टर से सलाह लें।
  • किसी वजह से मिल्क डक्ट ब्लॉक होना भी इंफेक्शन का कारण बन सकता है।
  • स्तन में सामान्य से ज्यादा दूध बनने की वजह से भी इंफेक्शन का खतरा रहता है।
  • जुड़वा बच्चे को स्तनपान करवाने की स्थिति में ब्रेस्ट इंफेक्शन का खतरा बना रहता है। इसलिए अगर आप जुड़वा बच्चे को ब्रेस्ट फीडिंग करवाती है तो डॉक्टर से सलाह लें।
  • निप्पल की त्वचा का क्रेक होना। यह परेशानी किसी भी महिला को हो सकती है। इसलिए स्तन या निप्पल में कोई भी बदलाव नजर आए या समझ आए तो जल्दी से जल्दी डॉक्टर से संपर्क करें।
  • अधिक टाइट कपड़े (ब्रा) पहनना और कपड़े की क्वालिटी ठीक नहीं होने के कारण भी ब्रेस्ट इंफेक्शन का खतरा रहता है।
  • अगर आपका इम्यून सिस्टम कमजोर है तो ब्रेस्ट इंफेक्शन के साथ-साथ अन्य बीमारियों का खतरा बन जाता है।
  • अगर महिला को एनिमिया (खून की कमी) की समस्या है तो ऐसी स्थिति में इंफेक्शन होने का डर ज्यादा रहता है।
  • आहार में अधिक फैट और नमक के सेवन से वजन बढ़ने के साथ-साथ ब्रेस्ट इंफेक्शन की समस्या हो सकती है।
  • बच्चे के डिलीवरी के वक्त परेशानी होने के कारण भी इंफेक्शन की समस्या हो सकती है।
  • 21 से 35 वर्ष की महिलाओं को इसका खतरा ज्यादा रहता है।
  • अगर आपको पहले कभी ब्रेस्ट इंफेक्शन हुआ है, तो फिर से होने की संभावना ज्यादा रहती है।
  • स्मोकिंग करना सिर्फ कैंसर या इनफर्टिलिटी जैसी बीमारी या समस्या पैदा नहीं करता बल्कि स्मोकिंग की वजह से ब्रेस्ट इंफेक्शन की समस्या भी हो सकती है।
  • स्वस्थ महिलाओं में ब्रेस्ट इंफेक्शन की संभावना कम होती है लेकिन, कभी-कभी पुरानी बीमारी, डायबिटीज या इम्यून सिस्टम कमजोर होने की वजह से भी ब्रेस्ट इंफेक्शन की संभावना बढ़ सकती है।
  • मेनोपॉज के दौरान या बाद में भी ब्रेस्ट इंफेक्शन का खतरा बढ़ सकता है।

ब्रेस्ट इंफेक्शन का खतरा कैसे कम हो सकता है?

कुछ निम्नलिखित कारणों से स्तन में संक्रमण का खतरा बढ़ सकता है। यह कारण है:

  • बच्चे के जन्म के बाद पहले कुछ हफ्तों तक स्तनपान करवाने से स्तन के संक्रमण का खतरा कम हो सकता है।
  • स्तन के संक्रमण से बचने के लिए अपने शिशु को दोनों स्तन से स्तनपान करवाएं। इससे संक्रमण का खतरा कम होता है।
  • महिला का अत्यधिक कमजोर होना स्तन संक्रमण का कारण बन सकता है।

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ब्रेस्ट इंफेक्शन के लक्षण (Symptoms of Breast Infection):

  • स्तन का कुछ भाग लाल होना और सूजन आना इंफेक्शन का कारण बन सकता है।
  • लाल और सूजन वाली जगह छूने पर दर्द महसूस होना।
  • जरूरत से ज्यादा तनाव और चिंतित रहना।
  • बॉडी का तापमान बढ़ना।
  • थका हुआ महसूस करना।
  • शरीर में दर्द महसूस होना।
  • निप्पल से तरल पदार्थ डिस्चार्ज होना।
  • ब्रेस्ट में खुजली होना।

ब्रेस्ट इंफेक्शन का इलाज (Treatment of Breast Infection):

  • फीड (स्तनपान) करवाने वाली महिला को सही अंतराल में बच्चे को फीड करवाना चाहिए। इससे मिल्क डक्ट कुछ वक्त के लिए खाली और ड्राई रहता है।
  • इंफेक्शन को कम करने के लिए एंटीबायोटिक्स दी जाती है।
  • परेशानी कम नहीं होने पर डॉक्टर से संपर्क करें। खुद से इलाज ना करें।

ब्रेस्ट इंफेक्शन से बचने के लिए किन बातों का ध्यान रखें:

  • निप्पल को साफ रखें।
  • बच्चे को साफ रखें और डॉक्टर से समझे की बच्चे के मुँह को कैसे आसानी से साफ रख सकते है।
  • दोनों स्तनों से बच्चों को फीड करवाएं।
  • पौष्टिक आहार और तरल पदार्थों को आहार में शामिल करें।

अस्वीकरण: सलाह सहित इस लेख में सामान्य जानकारी दी गई है। अधिक जानकारी के लिए आज ही अपने फोन में आयु ऐप डाउनलोड कर घर बैठे विशेषज्ञ डॉक्टरों से परामर्श करें। स्वास्थ संबंधी जानकारी के लिए आप हमारे हेल्पलाइन नंबर 781-681-11-11 पर कॉल करके भी अपनी समस्या दर्ज करा सकते हैं। आयु ऐप हमेशा आपके बेहतर स्वास्थ के लिए कार्यरत है। 

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