Breast cancer awareness month: ब्रेस्ट कैंसर के कारण, लक्षण और बचाव के उपाय

Breast Cancer

ब्रेस्ट कैंसर अवेयरनेस मंथ (Breast Cancer Awareness Month) हर साल अक्टूबर में दुनियाभर में मनाया जाता है। आप इस रोग के प्रति जागरूक रहकर ब्रेस्ट कैंसर से बचने के जरूरी तीन स्टेप्स को अपनाएं।

आज जिस तरह की जीवनशैली लोगों की होती जा रही है, उसमें कैंसर होने की आशंका काफी बढ़ जाती है। आज महिलाओं में सबसे ज्यादा होने वाला कैंसर है ब्रेस्ट कैंसर। ब्रेस्ट कैंसर से पीड़ित महिलाओं की संख्या लगातार बढ़ रही है। भारत में इस गंभीर बीमारी के प्रति जागरूकता की कमी के कारण ऐसा हो रहा है। हर साल भारत में ब्रैस्ट कैंसर से ग्रसित महिलाओं की संख्या में बढ़ोतरी होती जा रही है।

शरीर के किसी अंग में होने वाली कोशिकाओं की अनियंत्रित वृद्ध‍ि कैंसर का कारण होती है। शरीर की आवश्यकता अनुसार यह कोशि‍काएं बंट जाती है, लेकिन जब यह लगातार वृद्धि करती हैं तो कैंसर का रूप ले लेती हैं। इसी प्रकार स्तन कोशिकाओं में होने वाली अनियंत्रित वृद्धि, स्तन कैंसर का मुख्य कारण है। कोशिकाओं में होने वाली लगातार वृद्धि एक साथ मिलकर गांठ का रूप ले लेती है, जिसे कैंसर ट्यूमर कहते हैं।

स्तन कैंसर होने पर पहले या दूसरे चरण में ही इसका पता चल जाने से सही समय पर इसका इलाज संभव है। लेकिन इस बारे में पता चलना भी आपकी जागरूकता पर निर्भर करता है। यदि आप स्तन कैंसर के प्रति जागरूक हैं, तो इसके लक्षणों को पहचानकर आप इसका इलाज सही समय पर करवा सकते हैं।

ब्रेस्ट कैंसर के लक्षण (Symptoms of Breast Cancer):

  • स्तन या बगल में गांठ बन जाना
  • स्तन के निप्पल से खून आना
  • स्तन की त्वचा पर नारंगी धब्बे पड़ना
  • स्तन में दर्द होना, गले या बगल में लिम्फ नोड्स के कारण सूजन होना
  • 55 साल की उम्र के बाद मीनोपॉज होना 
  • कॉम्बिनेशन हार्मोन थेरेपी अधिक लेना 
  • परिवार में पहले से ही किसी को स्तन कैंसर होना 
  • ज्यादा शराब पीना
  • ज्यादा गर्भनिरोधक गोलियों का सेवन करना

ब्रेस्ट कैंसर के कारण (Reasons of Breast Cancer):

ब्रैस्ट कैंसर कैसे होता है इसका सटीक कारण अभी भी स्पष्ट नहीं है लेकिन कुछ जोखिम काम इसकी अधिक संभावना बनाते हैं। आप नियंत्रण के लिए जोखिम वाले कारणों को रोक सकते है।

उम्र:

स्तन का खतरा उम्र के साथ बढ़ता है।

जेनेटिक्स:

यदि किसी रिश्तेदार को ब्रैस्ट कैंसर हुआ है जिसका आपके साथ खून का रिश्ता हो, तो व्यक्ति में ब्रैस्ट कैंसर विकसित होने की संभावना बढ़ जाती है।

स्तन कैंसर या स्तन गांठ का इतिहास:

जिन महिलाओं को पहले स्तन कैंसर का निदान किया गया था, उनमें इस बीमारी के होने की संभावना अधिक होती है।

घने स्तन ऊतक:

अधिक घने स्तनों वाली महिलाओं को अधिक सतर्क रहना चाहिए क्योंकि वह स्तन कैंसर का निदान प्राप्त करने की अधिक संभावना रखती हैं।

एस्ट्रोजेन और स्तनपान के लिए एक्सपोजर:

एस्ट्रोजन के लिए विस्तारित जोखिम ब्रैस्ट कैंसर के जोखिम को बढ़ाता है।

शरीर का वजन:

मीनोपॉज के बाद अधिक वजन वाली महिलाऐं भी स्तन कैंसर के विकास के लिए एक मौका हो सकती हैं, क्योंकि ऐसी महिलाओं में एस्ट्रोजन का स्तर बढ़ जाता है।

शराब का सेवन:

शराब की खपत की नियमित और उच्च मात्रा स्तन कैंसर के विकास में भूमिका निभाती है। नेशनल कैंसर इंस्टीट्यूट (NCI) द्वारा किए गए अध्ययनों में पाया गया है कि जो महिलाऐं शराब का सेवन करती हैं उनमें ब्रैस्ट कैंसर का खतरा उन लोगों की तुलना में अधिक होता है जो ऐसा नहीं करते।

रेडिएशन जोखिम:

एक अलग कैंसर के लिए कीमोथेरेपी से गुजरना जीवन में बाद में ब्रैस्ट कैंसर के विकास के जोखिम को बढ़ा सकता है।

हार्मोन उपचार:

NCI के अध्ययनों के अनुसार, मौखिक गर्भनिरोधक लेने से ब्रैस्ट कैंसर का खतरा बढ़ सकता है। कुछ महिलाओं को बिना किसी जोखिम काम के भी ब्रैस्ट कैंसर हो सकता है।

ब्रेस्ट कैंसर को रोकने के उपाय:

  • एक्सरसाइज और योगा को नियमित रूप से करें
  • नमक का अत्यधिक सेवन ना करें
  • रेड मीट के अधि‍क सेवन से बचें
  • सूर्य के तेज किरणों के प्रभाव से बचें अधिक मात्रा में धूम्रपान और नशीले पदार्थों का सेवन ना करें। गर्भनिरोधक गोलियों का लगातार सेवन करने से पहले चिकित्सकीय परामर्श लें।

अस्वीकरण: सलाह सहित इस लेख में सामान्य जानकारी दी गई है। यह किसी भी तरह से योग्य चिकित्सा राय का विकल्प नहीं है।अधिक जानकारी के लिए आज ही अपने फोन में आयु ऐप डाउनलोड कर घर बैठे विशेषज्ञ  डॉक्टरों से परामर्श करें। स्वास्थ संबंधी जानकारी के लिए आप हमारे हेल्पलाइन नंबर 781-681-11-11 पर कॉल करके भी अपनी समस्या दर्ज करा सकते हैं। आयु ऐप हमेशा आपके बेहतर स्वास्थ के लिए कार्यरत है। 

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