ओलिव ऑयल के फायदे | Benefits of Olive Oil in Hindi

Benefits of Olive Oil in Hindi

ओलिव ऑयल या जैतून का तेल (olive oil in Hindi) स्वास्थ्य के लिए बहुत फायदेमंद होता है। ओलिव ऑयल के फायदे (olive oil benefits in Hindi) को लेकर हुए शोध में पाया गया है कि ओलिव ऑयल काफी गुणकारी होते है। यह दिल से जुड़ी बीमारियों के खतरे को कम करने के साथ-साथ त्वचा और बालों के लिए भी लाभकारी है। ऑलिव ऑयल जैतून के फलों से बनाया जाता है और बाकी अन्य तेलों की तुलना में इसकी कीमत बहुत ज्यादा होती है। आइये जानते है ओलिव ऑयल के फायदे और नुकसान।

अपने देश में खाना पकाने के लिए सरसों के तेल का इस्तेमाल ज्यादा होता था लेकिन हाल के कुछ सालों से ऑलिव ऑयल के फायदों (olive oil ke fayde) को देखते हुए अब कई लोग खाना पकाने और त्वचा के लिए ऑलिव ऑयल (olive oil in hindi) का इस्तेमाल करने लगे है। खासतौर पर दिल की बीमारियों से और डायबिटीज से पीड़ित मरीजों को यह पहले पसंद आता है।  बच्चों की मालिश के लिए भी जैतून के तेल का इस्तेमाल किया जाता है। यह हड्डियों को मजबूत बनाने में भी मदद करता है जिससे बच्चों की त्वचा मुलायम रहती है।

ओलिव ऑयल में मिलने वाले पोषक तत्व:

ऑलिव ऑयल (olive oil in hindi) में विटामिन-ए, डी, ई और के पाया जाता है। इसके अलावा ऑलिव ऑयल में एंटीऑक्सीडेंट भी भरमार पाई जाती है। इसमें मुख्य रुप से पालीफेनोल, विटामिन-ई, सायटोस्टेरोल, टायरोसोल, ओलियोकैंथोल आदि सक्रिय एंटीऑक्सीडेंट के रुप में पाए जाते है।

ओलिव ऑयल के फायदे: Benefits of Olive Oil in Hindi:

ओलिव ऑयल के फायदे (olive oil ke fayde) बहुत सारे है, बच्चों से लेकर बड़ों तक यह सबके लिए गुणकारी है। डायबिटीज, कैंसर और दिल से जुड़ी बीमारियों से बचाव के अलावा यह डिप्रेशन और कब्ज की समस्या से आराम दिलाने में भी मददगार है। आइये जानते है ओलिव ऑयल के कुछ फायदे।

कोलेस्ट्रॉल कम करने में मददगार: ऑलिव ऑयल (olive oil in hindi) में लगभग 70% मोनोसैचुरेटेड फैटी एसिड पाया जाता है जो रक्त में कोलेस्ट्रॉल के स्तर को नियंत्रित रखने में मदद करता है। ओलिव ऑयल का तेल शरीर के मेटाबोलिज्म को बढ़ाकर कोलेस्ट्रॉल के स्तर को नियंत्रित रखता है। इसलिए कोलेस्ट्रॉल को नियंत्रित रखने के लिए आप ऑलिव ऑयल का सेवन कर सकते है।

डिप्रेशन में आराम दिलाएँ: ऑलिव ऑयल शरीर में सेरोटोनिन का स्तर बढ़ाती है। सेरोटोनिन मस्तिष्क में पाया जाने वाला एक रासायनिक तत्व है जो डिप्रेशन में लड़ने में मदद करता है। आयुर्वेद में डिप्रेशन की मुख्य वजह शरीर का वात का असंतुलन बताया गया है। जैतून का तेल वात को कम करता है और डिप्रेशन से आराम दिलाता है।

कैंसर से बचाएँ: ओलिव ऑयल (olive oil in hindi) शरीर में कैंसर कोशिकाओं को बढ़ने से रोकता है। शोध में यह पाया गया है कि ऑलिव ऑयल में मौजूद हाइड्रोजेट्रोसोल  कैंसर कोशिकाओं को नष्ट कर देती है। इसके अलावा ऑलिव ऑयल में ओलियोरोपिन पाया जाता है जिसमें एंटीट्यूमर गुण होते है जो भी कैंसर कोशिकाओं को बढ़ने से रोकती है।

हाइपरटेंशन: एक्स्ट्रा वर्जिन ऑलिव ऑयल (Extra virgin olive oil) में मौजूद पालीफेनोल शरीर के ब्लड प्रेशर को नियंत्रित रखने में मदद करता है। ओलिव ऑयल कैल्शियम चैनल ब्लॉकर की तरह काम करता है और हाइपरटेंशन के खतरे को कम करता है। अगर आप भी हाई ब्लड प्रेशर की समस्या से पीड़ित है तो जैतून के तेल का सेवन आपके लिए लाभकारी होगा।

पाचन में सुधार लाएँ: ओलिव ऑयल पाचन तंत्र के लिए भी उपयोगी है। इसके नियमित सेवन से कब्ज आदि समस्याओं से आराम मिलता है। आयुर्वेद के मुताबिक ओलिव ऑयल पेट की पाचक अग्नि को बढ़ाती है और आंतों को मजबूती प्रदान करती है जिससे पचे हुए खाने का अवशोषण और बाहर निकालने की प्रक्रिया आसान होती है। इसके अलावा यह कब्ज की समस्या से भी आराम दिलाती है। इस तरह ऑलिव ऑयल पूरे पाचन तंत्र को दुरुस्त रखती है।

माइग्रेन के सिरदर्द से आराम दिलाएँ: ऐसा पाया गया है कि लगभग दो महीनों तक लगातार रोजाना ऑलिव ऑयल (Olive oil in hindi) की कुछ मात्रा का सेवन करने से माइग्रेन में होने वाले सिरदर्द से आराम मिलता है। हालांकि इसकी पुष्टि के लिए अभी इस विषय पर शोध चल रहे है।  

त्वचा के लिए फायदेमंद: ओलिव ऑयल (olive oil in hindi) में मौजूद एंटीऑक्सीडेंट और विटामिन-ई त्वचा के लिए बहुत गुणकारी है। इसे त्वचा पर लगाने से त्वचा की चमक बढ़ जाती है। यह खासतौर पर चेहरे की झुर्रियों और निशानों को भी कम करती है जिससे बढ़ती उम्र का असर कम पता चलता है।

दिल के लिए फायदेमंद: खाने में ओलिव ऑयल का प्रयोग करना दिल के लिए लाभकारी होता है। अनेक शोधों में इस बात की पुष्टि हो चुकी है कि एक्स्ट्रा वर्जिन ऑयल दिल के लिए फायदेमंद है और दिल को कई बीमारियों से बचाता है। अगर आप दिल से जुड़ी किसी बीमारी से पीड़ित है या आपके परिवार में पहले से ही लोग दिल के मरीज है तो आपको अपनी डाइट में एक्स्ट्रा वर्जिन ऑयल का सेवन शुरु कर देना चाहिए।

डायबिटीज से बचाव करें: कुछ शोधों में ऐसा पाया गया है कि अगर आप ऑलिव ऑयल का सेवन करते है तो यह ब्लड शुगर लेवल को कम करती है। अगर आप डायबिटीज के मरीज है तो ब्लड शुगर को नियंत्रित रखने के लिए ऑलिव ऑयल का उपयोग कर सकते है।

आर्थराइटिस से बचाव करें: शोध के अनुसार जो लोग अपने खानपान में ओलिव ऑयल का प्रयोग अधिक करते है उनमें आर्थराइटिस होने का खतरा काफी कम रहता है इसलिए बढ़ती उम्र के लोगों को खाने में ऑलिव ऑयल इस्तेमाल करने की सलाह दी जाती है।

बालों के लिए फायदेमंद: ऑलिव ऑयल बालों के लिए भी गुणकारी होते है। इससे बालों को जरूरी पोषण मिलता है साथ ही डैंड्रफ और बालों में खुजली की समस्या दूर होती है।

हड्डियों को मजबूत बनाएँ: अगर आप हड्डियों को मजबूत रखना चाहते है तो अपनी डाइट में ऑलिव ऑयल का सेवन बढ़ा दें। यह हड्डियों को मजबूत बनाता है और बढ़ती उम्र में हड्डियों से जुड़े रोगों से बचाव करते है। आहार में शामिल करने के अलावा आप जैतून के तेल से हड्डियों की मालिश भी कर सकते है।

दर्द से आराम दिलाएँ: रिसर्च में इस बात की पुष्टि हुई है कि ऑलिव ऑयल में पाया जाने वाला यौगिक ओलियोकैंथोल एक प्राकृतिक एंटी-इंफ्लेमेटरी यौगिक की तरह काम करता है और इसके गुण काफी हद तक दर्द निवारक दवा (आईबुप्रोफेन) जैसे है।

ओलिव ऑयल के नुकसान: Side Effects of Olive Oil in Hindi:

ऑलिव ऑयल के साइड इफ़ेक्ट के कारण मुहांसे, त्वचा पर लाल चकत्ते, या डायरिया की समस्या हो सकती है इसलिए ऑलिव ऑयल के सेवन के दौरान कुछ सावधानियाँ भी बरतनी चाहिए। आइये जानते है कि किन परिस्थितियों में ऑलिव ऑयल के सेवन से परहेज करना चाहिए और किन मामलों में यह नुकसानदायक है।

संवेदनशील त्वचा वाले लोग: अगर आपकी त्वचा बहुत अधिक संवेदनशील है तो ओलिव ऑयल को सीधे त्वचा पर ना लगाएं बल्कि इसे किसी ठंडी तासीर वाले तेल के साथ मिलाकर ही उपयोग करें।

तैलीय त्वचा वाले लोग करें परहेज: जिन लोगों की त्वचा पहले से ही तैलीय या ऑयली है उन्हें जैतून के तेल से परहेज करना चाहिए। इससे त्वचा और ज्यादा तैलीय हो जाती है और मुंहासे निकलने की संभावना बढ़ जाती है।

ब्लड प्रेशर और ब्लड शुगर लेवल चेक करते रहें: ऑलिव ऑयल में ब्लड प्रेशर और ब्लड शुगर को कम करने वाले गुण होते है इसलिए अगर आप पहले से ही एंटीडायबिटिक और एंटीहाइपरटेंसिव दवाइयों का सेवन कर रहे है तो ऑलिव ऑयल के सेवन के दौरान अपना ब्लड शुगर लेवल और ब्लड प्रेशर नियमित अंतराल पर चेक करते रहें।

अब आप अगर ऑलिव ऑयल के सेवन या उपयोग के कारण किसी तरह के साइड इफ़ेक्ट नजर आते हैं तो नजदीकी डॉक्टर से संपर्क करें।

अस्वीकरण: सलाह सहित इस लेख में सामान्य जानकारी दी गई है। अधिक जानकारी के लिए आज ही अपने फोन में आयु ऐपडाउनलोड कर घर बैठे विशेषज्ञ डॉक्टरों से परामर्श करें। स्वास्थ संबंधी जानकारी के लिए आप हमारे हेल्पलाइन नंबर 781-681-11-11 पर कॉल करके भी अपनी समस्या दर्ज करा सकते हैं। आयु ऐप हमेशा आपके बेहतर स्वास्थ के लिए कार्यरत है। 

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