बच्चों के बिस्तर गीला करने के कारण, लक्षण और उपाय

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छोटे बच्चों का बिस्तर पर पेशाब कर देना आम बात होता है, लेकिन बड़े बच्चों का ऐसा करना अटपटा होता है. अगर माता-पिता में से किसी को भी बचपन में यह समस्या थी तो बच्चों में इस समस्या के होने की आशंका 50 प्रतिशत तक बढ़ जाती है, वहीं जिन बच्चों के माता-पिता बचपन में बिस्तर गीला नहीं करते थे, उनमें इस समस्या के होने की आशंका मात्र 15 प्रतिशत होती है. अगर आप भी इस समस्या से परेशान हैं तो हम आपको कुछ ऐसे घरेलू नुस्खों के बारे में बताएंगे, जिन्हें अपनाने से बच्चे की ये आदत छूट सकती है.

क्या है कारण | Bedwetting Causes

बिस्तर पर पेशाब करने वाले बच्चों में आर्जीनीन वैसोप्रेसिन हार्मोन (Arginine Vasopressin)का स्तर नींद में नीचे चला जाता है, जो किडनी के द्वारा मूत्र निर्माण की प्रक्रिया को धीमा करता है. चूंकि नींद में इस हार्मोन का स्तर नीचे चला जाता है, इसलिए मूत्र निर्माण की प्रक्रिया तेज हो जाती है और मूत्राशय तेजी से भर जाता है. अगर बच्चा 6 वर्ष की आयु के बाद भी बिस्तर गीला करता हैं तो इसका कारण जानना आवश्यक हैं.

1.छोटा मूत्राशय के कारण

2.विटामिन की कमी के कारण

3. गहरी नींद के कारण

4. हार्मोन के कारण

5.अनुवांशिकता के कारण

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क्या है बच्चों के बिस्तर पर पेशाब करने के लक्षण | Bed Wetting Symptoms

अगर आपका बच्चा एकदम से बिस्तर गीला करना शुरू कर दे और यह सिलसिला लंबे समय तक जारी रहे तो यह खतरे की घंटी हो सकती है. बच्चे का खर्राटा लेना, अधिक खाना-पीना, पेशाब में जलन, पैरों और एड़ी में सूजन, सात साल या उससे अधिक होने पर भी बिस्तर का गीला करना आदि तमाम ऐसे लक्षण हैं, जिसमें बिना देरी किए डॉक्टरी सलाह लेना बेहद जरूरी है.

क्या है उपाए

रात में ना पीलाएं ज्यादा पानी

सोने जाने से पहले बच्चे के तरल पदार्थ पर किया गया नियंत्रण आपके लिए खासा कारगर हो सकता है. ऐसा करने के लिए आप बच्चे के शरीर की पानी की जरूरत को समय के हिसाब से बांट दें ताकि पानी की कमी न होने पाए. पानी की जरूरत का लगभग 40 फीसदी तरल पदार्थ सुबह और 40 फीसदी दोपहर में दें. शाम के लिए 20 फीसदी ही रखें. साथ ही सोने जाने के दो घंटे पहले से ही तरल पदार्थ का सेवन बंद करवा दें. रात का खाना भी जल्दी खिला दें.

अलार्म का ले सहारा

बच्चा रात में बिस्तर गीला करता है तो इससे बचने के लिए अलार्म का सहारा ले सकते है. इसके लिए आपको उसके दिन में पेशाब करने का औसत निकालना होगा. वह जितने घंटे के अंतराल में पेशाब करता है, उसके हिसाब से अलार्म लगाएं और रात में उतने अंतराल पर बच्चे को पेशाब करवाएं. ऐसा करने से उसका बिस्तर भी गीला नहीं होगा, साथ ही उसकी आदत में भी सुधार होगा. आपको कुछ समय तक लगातार यह तरीका अपनाना होगा.

इन चीजों का करें परहेज

रात के समय अपने बच्चे को कुछ चीजों से परहेज कराने से भी इस बीमारी से राहत मिल सकती है. अपने बच्चे को कैफीन यानी चॉकलेट वाले दूध का सेवन नहीं कराएं. वहीं आर्टिफिशियल फ्लेवर, रंग खासतौर पर लाल रंग, खट्टे फलों के जूस व मिठाई आदि से भी इस दौरान बच्चे को दूर रखें.

क्या है घरेलू उपाय

  • सोने से दो घंटे पहले बच्चे को एक कप गुनगुने दूध में एक चौथाई चम्मच जायफल घिसकर पिलाना चाहिए.
  • प्रतिदिन सुबह में खाली पेट ठंडे दूध में एक चम्मच शहद मिलाकर बच्चे को पीलाने से बिस्तर पर पेशाब नहीं करते.
  • अगर आपका बच्चा रोज रात में बिस्तर गीला कर देता है तो दिन में दो से तीन केले खिलाएं, इससे समस्या दूर होगी.
  • बच्चे को रोजाना सोने से पहले तीन से चार अखरोट खिलाने से भी रात में सोते समय बिस्तर पर पेशाब करने की आदत से छुटकारा मिलेगा.
  • बच्चे को रात में सोने से पहले एक कप गुनगुने पानी में एक चम्मच पिसी अजवाइन घोलकर पिलाएं.
  • ठंड के मौसम में बच्चों के बिस्तर गीला करने की आदत छुड़वाने के लिए बच्चे को दिन में दो बार एक चम्मच पिसी दालचीनी में एक चम्मच शहद मिलाकर दें.

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