एट्रियल फाइब्रिलेशन क्या है? लक्षण और उपचार

atrial fibrillation

एट्रियल फाइब्रिलेशन बहुत हल्के से बहुत गंभीर रूप तक हो सकता है। कई बार इस बारे में इंसान को पता भी नहीं चल पाता, और रोग खुद से ही ठीक हो जाता है। फिर भी यह एक तरह की गंभीर बीमारी है, जिसका इलाज करवाना जरुरी होता है। अगर आपके दिल की धड़कन अनियमित रहती है तो आपके शरीर को पर्याप्त मात्रा में रक्त नहीं मिल पाता है जिसके अलग-अलग लक्षण हो सकते है। और हृदय के स्पंदन (Flutter) से हृदय की बाएं आलिंद उपांग (Atrial Apendage) में खून इकट्ठा होने लगता है जिसके कारण, खून के थक्के और स्ट्रोक हो सकता है।

बीमारी को नियंत्रित करने के लिए कई अच्छे, प्रभावी उपचार उपलब्ध है।अलिंद विकम्पन (Atrial Fibrillation) का उद्देश्य, हृदय गति , हृदय दर का ध्यान रखना एवं स्ट्रोक के जोखिम को कम करना होता है। यह ज़्यादातर दवाओं, उपचारात्मक प्रक्रियाओं, और न्यूनतम आक्रामक सर्जरी (तकनीक,जिसमें शरीर को छेदकर या चीरकर उपचार किया जाता है) के माध्यम से पूरा किया जाता है।

एट्रियल फाइब्रिलेशन क्या है? (What is Atrial Fibrillation)

दिल की अनियमित धड़कन को एरियल फाइब्रिलेशन की तरह जाना जाता है। इससे ह्रदय रोग और स्ट्रोक की समस्याएं बढ़ती है। थकान, कमजोरी और चक्कर आना एक एट्रियल फिब्रिलेशन के संकेत है। इसका इलाज करने के लिए जीवनशैली में बदलाव और दवाओं की आवश्यकता होती है और अक्सर कार्डियोवर्जन और सर्जरी या पेसमेकर प्लेसमेंट जैसी प्रक्रियाएं होती है। दिल में एट्रियल फिब्रिलेशन में असामान्य कार्यशील विद्युत प्रणाली (Electrical System) होती है। स्वास्थ्य में अन्य समस्याएं दिल से बाहर निकलने का कारण बनती है।

एट्रियल फाइब्रिलेशन के लक्षण (Symptoms of Atrial Fibrillation):

साँसों की कमी: सामान्य परिस्थितियों में आपका हृदय, तेज या धीमे धड़क कर, आपके शरीर को ऑक्सीजन की आवश्यकता होती है वैसे, पुरे शरीर को सुचारु रूप से खून पहुँचाता है। इसलिए, उदाहरण के तौर पर, जब आप कसरत करते है, तब आप खून में उपस्थित सारी ऑक्सीजन उपयोग करते है और आपको अधिक ऑक्सीजन की ज़रुरत होती है क्योकि आप कसरत कर रहे होते है परिणामस्वरूप, आपके शरीर को जरूरत जितनी ऑक्सीजन पहुँचने के लिए, आपका हृदय तेज़ धड़कने लगता है।

एट्रियल फाइब्रिलेशन (Arial Fibrillation), आपके हृदय के ऊपरी और निचले भाग को एक साथ मिलकर काम नहीं करने का परिणाम है। अनियमित तरह से चलना, अलिंद विकम्पन (Arial Fibrillation) का एक लक्षण है, हृदय के शरीर को पर्याप्त खून ना पहुँचाने का कारण बन सकती है क्योकि खून में ऑक्सीजन होता है और कम खून का मतलब शरीर में कम ऑक्सीजन का पहुँचना होता है। दिमाग इस कमी को भाप लेता है और फेफड़ो को अधिक सांस खींचने का संकेत देता है। ऐसे समय में आपको साँसों की कमी महसूस होती है और आपके शरीर को आभास होता है की उसे और ऑक्सीजन चाहिए।

कमज़ोरी या कसरत करने में तकलीफ: एट्रियल फिब्रिलेशन वाले लोगो के लिए व्यायाम सहायक है, पर अपने एट्रियल फाइब्रिलेशन उपचार विशेषज्ञ से परामर्श ले लें कि आपके लिए यह व्यायाम सही है या नहीं। कुछ मामलों में,गलत व्यायाम करने पर एट्रियल फाइब्रिलेशन की स्थिति ला सकता है जो हृदय के तेज़ धड़कने का कारण बन सकता है और रक्तचाप इतना गिर सकता है कि आप बेहोश हो जाए ।

एट्रियल फाइब्रिलेशन के साथ काफी लोग व्यायाम कर सकते है। कुछ परीक्षणों को करवाना अनिवार्य हो जाते है, पर सब कुछ साफ़ होने के बाद , एक अच्छा व्यायाम कार्यक्रम तैयार करके, उससे सुरक्षित तरीके से पालन किया जा सकता है। यदि व्यायाम करते समय या उसके बाद, आपको कोई एट्रियल फाइब्रिलेशन के लक्षण महसूस होते है तो उन्हें अपने डॉक्टर को अवश्य बताए।

एट्रियल फिब्रिलेशन का इलाज कैसे किया जाता है?

तीन मुख्य प्रकार के उपचार है:

  • हृदय गति धीमा करने के लिए उपचार
  • हृदय लय को नियंत्रित करने के उद्देश्य से उपचार

अस्वीकरण: सलाह सहित इस लेख में सामान्य जानकारी दी गई है। अधिक जानकारी के लिए आज ही अपने फोन में आयु ऐपडाउनलोड कर घर बैठे विशेषज्ञ डॉक्टरों से परामर्श करें। स्वास्थ संबंधी जानकारी के लिए आप हमारे हेल्पलाइन नंबर 781-681-11-11 पर कॉल करके भी अपनी समस्या दर्ज करा सकते हैं। आयु ऐप हमेशा आपके बेहतर स्वास्थ के लिए कार्यरत है। 

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