ASTHMA | सांस में तकलीफ़ ना बन जाए जानलेवा, जानिये अस्थमा (दमा) व उसके प्रकार

शेयर करें

अस्थमा (Asthma) श्वसनमार्ग में होने वाली बिमारी होती है, जिससे आपको सांस लेने में कठिनाई होती है। अस्थमा (Asthma) होने पर श्वास नलियों में सूजन आ जाती है जिस कारण श्वसनमार्ग सिकुड़ जाता है और फेफड़ो में पर्याप्त ऑक्सीजन नहीं जा पाती है।  

श्वसनमार्ग के सिकुड़ जाने से सांस लेते समय आपको –

  • आवाज़ आना,
  • श्वास की कमी,
  • सीने में जकड़न और
  • खाँसी आदि समस्याएं होने लगती हैं।

अस्थमा (Asthma) के लक्षण गंभीर होने पर आपको बात करने की गतिविधि में कमी और असमर्थता हो सकती है।

किसी भी स्वास्थ्य समस्या के लिए आज ही “Aayu” ऐप डाउनलोड करें

अस्थमा (Asthma) को पहचानने की तीन प्रमुख विशेषताएं हैं:

  • श्वासनली में अवरोध –

जब आप सामान्य रूप से सांस लेते है तो श्वासनली की कोशिकाओं में हवा सामान्य रूप से जाती है लेकिन अस्थमा (Asthma) रोगियों के श्वासनली की कोशिकाओं में सूजन के कारण हवा में रूकावट होती है। जिससे कम हवा के कारण व्यक्ति को सांस की कमी महसूस होती है, और कड़े वायुमार्ग से बाहर निकलने वाली हवा में एक सीटी की आवाज सी होती है, जिसे मितली कहते हैं।

  • श्वासनली में सूजन –

अस्थमा (Asthma) रोगियों में श्वासनली लाल और सूज जाती है, इस सूजन का इलाज जल्द ही करवाना ज़रूरी है।

  • श्वसनमार्ग में सिकुड़न-

अस्थमा (Asthma) रोगियों के श्वासनली के वायुमार्ग बेहद सूक्ष्म होते हैं। मामूली कारको जैसे कि जानवरों के आसपास रहने, धूल, या धुएं के कारण श्वसनमार्ग प्रभावित और सिकुड़ जाते हैं।

//youtu.be/BlLn_UHwsGM?list=UUYmUH90TFuJM1XZK9MPkyWA

अस्थमा (Asthma) के प्रकार

अस्थमा (Asthma) के विभिन्न प्रकार होते है –

  1. एलर्जी और अस्थमा

एलर्जी और अस्थमा अक्सर आसानी से सही हो जाते हैं। हमारी नाक शारीरिक क्रियाओं के लिए बहुत महत्वपूर्ण है। यह सांस के साथ शरीर में प्रवेश करने वाले धूल कणों और हानिकारक पदार्थों को रोकती है। लेकिन जब यह पदार्थ किसी तरह से शरीर के अंदर प्रवेश करने में सफल होते हैं, तो हमारा इम्युन सिस्टम इनके प्रति प्रतिक्रिया व्यक्त करता है, जो एलर्जी के रूप में सामने आता है। नाक में होने वाली एलर्जी को एलर्जिक राइनाइटिस कहते हैं।

मेडकॉर्ड्स (MedCords) डॉक्टर्स के अनुसार इसके प्रमुख लक्षण-

  1. लगातार छींकें आना और नाक से पानी जैसा तरल पदार्थ का लगातार बहना।
  2. नाक, आंख, जीभ में खुजली होना।
  3. नाक बंद होना और सिरदर्द बना रहना।

    2. व्यायाम-प्रेरित अस्थमा

यह व्यायाम या शारीरिक परिश्रम से शुरू होता है। अस्थमा से पीड़ित कई लोग व्यायाम करने से कुछ लक्षणों को महसूस करते है। व्यायाम करते समय आपको सांस लेने में कठिनाई, खांसी और घरघराहट के साथ अस्थमा (Asthma) के लक्षण हो सकते हैं। ऐसे लक्षण होने पर अपने नजदीकी डॉक्टर से संपर्क करें, वो आपको बता सकते हैं कि क्या आपको अस्थमा के इन लक्षणों को रोकने के लिए व्यायाम से पहले अस्थमा इन्हेलर का उपयोग करने की आवश्यकता है की नहीं।

types of asthma

Common Cold | सामान्य सर्दी/जुखाम क्या होता है?

    3. खांसी-प्रकार का अस्थमा

गंभीर खांसी अस्थमा होने का मुख्य लक्षण है। खांसी के अन्य कारण हो सकते हैं, अस्थमा के साथ साइनसाइटिस के कारण खांसी होना आम है। इस प्रकार का अस्थमा (Asthma) अधिकतर श्वसन संक्रमण और व्यायाम से होता है। अगर आपको लगातार खांसी आए तो अपने नज़दीकी डॉक्टर से संपर्क करें।

    4. व्यावसायिक अस्थमा

यह कार्यस्थल से मिलने वाला अस्थमा (Asthma) होता है। इस प्रकार के अस्थमा में आपको सांस लेने में तकलीफ, नाक का बहना, आंखों में जलन या घरघराहट के साथ खांसी जैसे लक्षण होते है। कुछ सामान्य नौकरियां जो व्यावसायिक अस्थमा से जुड़ी हैं, उनमें पशु प्रजनक, किसान, नाई, नर्स, चित्रकार और लकड़हारे शामिल हैं।

    5. रात्रिचर अस्थमा

यह एक आम बिमारी है। यदि आपको अस्थमा है, तो सोते समय लक्षण होने की संभावना बहुत अधिक होती है क्योंकि अस्थमा का प्रभाव नींद से जागने वाले चक्र (सर्कैडियन रिदम) पर पड़ता है। आपको खासकर रात के समय घरघराहट, खांसी और सांस लेने में तकलीफ जैसे लक्षण होते है।

    6. ह्रदय सम्बंधी अस्थमा

विभिन्न प्रकार की बिमारियों से अस्थमा (Asthma) जैसे कुछ लक्षण हो सकते हैं। उदाहरण के लिए, कार्डियक (ह्रदय सम्बंधी) अस्थमा दिल की विफलता का एक रूप है जिसके लक्षण सामान्य अस्थमा के कुछ लक्षणों के समान होते हैं।

साधारण सांस की तकलीफ कहीं अस्थमा में ना बदल जाए, इसलिए समय रहते इसे पहचानें व निदान व उपचार पाएं।

Aayu है आपका सहायक

अगर आपके घर का कोई सदस्य लंबे समय से बीमार है या उसकी बीमारी घरेलू उपायों से कुछ समय के लिए ठीक हो जाती है, लेकिन पीछा नहीं छोड़ती है तो आपको तत्काल उसे डॉक्टर से दिखाना चाहिए. क्योंकि कई बार छोटी बीमारी भी विकराल रूप धारण कर लेती है. अभी घर बैठे स्पेशलिस्ट डॉक्टर से “Aayu” ऐप पर परामर्श लें . Aayu ऐप डाउनलोड करने के लिए नीचे दी गई बटन पर क्लिक करें.

शेयर करें

Leave a Reply

Your email address will not be published.