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अस्थमा अटैक के शुरुआती लक्षण और बचाव के उपाय

अस्थमा अटैक के शुरुआती लक्षण और बचाव के उपाय

मौसम में बदलाव अस्थमा के मरीजों के लिए परेशानी बन सकती है। गर्म हवाएं और उड़ने वाली धूल गर्मियों में इसकी समस्या बढ़ाती है। आइये अब आपको बताते है अस्थमा अटैक के शुरूआती लक्षण, कारण और बचाव।

सबसे पहले यह जान लेते है कि अटैक आने पर क्या करें?

अस्थमा का अटैक आने पर क्या करे? (what to do when you have a severe asthma attack)

  • अस्थमा अटैक आने पर सबसे पहले कमर को सीधी रखकर बैठ जाए और अपने आपको शांत करें।
  • अगर आपको बैठने में दिक्कत हो तो खड़े होकर गहरी सांस लें और मन को शांत करें।
  • अटैक आने पर लेटने से बचें क्योंकि इससे पेशेंट की स्थिति और बिगड़ सकती है।

अस्थमा अटैक के लक्षण (symptoms of asthma) 

अस्थमा का रोग अचानक से भी किसी को गिरफ्त में ले सकता है, जबकि लंबे समय से कुछ लक्षणों के साथ यह इसके आने के संकेत भी दें सकता है लेकिन लंबे समय तक खांसी बने रहना या सांस लेने में परेशानी होना इसके मुख्य लक्षण हैं।

अगर किसी व्यक्ति को सांस लेने में दिक्कत हो रही है या सांस लेते समय अलग तरह की आवाज सुनाई देती है और साथ में जकड़न हो रही है तो सतर्क हो जाए।

बोलने में समस्या होना और ठीक से नींद ना ले पाना भी इसके प्रारंभिक लक्षणों में शामिल हैं। जरूरी नहीं है कि हर मरीज में सभी लक्षण दिखाई दें या ये लक्षण सिर्फ इसी बीमारी के ही होते हैं। लेकिन इस तरह के लक्षण दिखने पर आपको अपनी सेहत को लेकर सतर्कता बरतनी शुरू कर देनी चाहिए।

अस्थमा के अटैक से बचने के उपाय:

अगर आप अस्थमा के पेशंट हैं और आप पहले से इसका इलाज ले रहे हैं तो आपको यह पता होगा कि हर बार अटैक आने पर डॉक्टर को दिखाने की जरूरत नहीं होती। एक बार दिखाने के बाद पहले बताई हुई दवाईयाँ ही फॉलो करें।

लहसुन में एंटी-वायरल और एंटीऑक्सिडेंट गुण पाए जाते हैं, जो इन रोगियों के लिए फायदेमंद होते है इसके लिए आप 30 मिलीलीटर दूध में 5 लहसुन की कलियां उबालकर रोज लें। उससे आपको आराम मिलेगा।

अदरक की चाय में दो लहसुन की कलियां पीसकर डालने से अस्थमा में आराम मिलता है

अजवाइन को उबालकर उसके पानी की भाप लेने से इसके रोगी को राहत मिलती है इसके अलावा 4-5 लौंग को एक गिलास पानी में 5 मिनट तक उबालकर उसे छानकर उसमें शहद मिलाकर काढ़ा बनाए और उसे 2 से 3 बार पिएँ 

अदरक की तासीर गर्म होती है, इसलिए यह अस्थमा के रोगियों को फायदा पहुंचाता है अदरक का एक चम्मच रस निकालें फिर एक कप मैथी का काढ़ा बनाए। उसमें अदरक का रस मिलाकर शहद मिलाकर रोज सुबह-शाम इसके सेवन से लाभ मिलेगा 

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डिस्क्लेमर: यह ब्लॉग किसी भी प्रकार से दवाई या डॉक्टर से लिया गया इलाज का विकल्प नहीं है। किसी भी समस्या के लिए डॉक्टर से  www.aayu.app पर परामर्श लें। 

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल:

(A) क्या अस्थमा पूरी तरह ठीक हो सकता है?

अस्थमा पूरी तरह ठीक नहीं हो सकता, लेकिन इसके लक्षण को नियंत्रण में रख सकते है क्योंकि यह समय के साथ बदलता रहता है, यह महत्वपूर्ण है कि आप अपने लक्षणों को ट्रैक करने और आवश्यकतानुसार उपचार के लिए अपने चिकित्सक से बात करें। 

(B) अस्थमा की जांच कैसे होती है?

अस्थमा की सामान्य जांच पीक फ्लोमीटर और स्पायरोमेट्री से की जाती है। इससे इसकी गंभीरता को मापा जाता है। ऐसे मरीज जिनमें सावधानी बरतने के बाद भी एलर्जी का कारण पता नहीं चल पाता उन्हें इम्यूनो थैरेपी दी जाती है।

(C) इनहेलर का प्रयोग कैसे करें?
  • सबसे पहले सांस को छोड़ें और फेफड़ों को पूरी तरह खाली करें।
  • इसके बाद लंबी सांस लेकर इनहेलर से इनहेल करें।
  • उंगली से 5 तक गिनने तक सांस रोकें, यानि इनहेल करने के बाद करीब 5 सेकंड तक रोकें।
  • अब धीरे-धीरे सांस पूरी तरह छोड़कर फेफड़ों को खाली करें।
(D) अस्थमा क्यों होता है?

दमा साँस की नली में सूजन आ जाने से पैदा होता है, जिसका काम फेफड़ों में से हवा को बाहर लाना और उसे अंदर ले जाना होता है। इस सूजन की वजह से साँस की नली बहुत संवेदनशील हो जाती है, इसलिए अस्थायी तौर पर ये थोड़ी सिकुड़ जाती है। यह कभी भी हो सकता है। 

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