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अश्वगंधा क्या है? जानिये इसके फायदे और नुकसान

अश्वगंधा क्या है? जानिये इसके फायदे और नुकसान

अश्वगंधा एक गुणकारी औषधि है। इसका इस्तेमाल कई तरह के शारीरिक समस्याओं, विकारों और रोगों से बचने में मदद करता है। इसमें एंटीऑक्सीडेंट, एंटीइंफ्लेमेटरी, एंटीस्ट्रेस व एंटीबैक्टीरियल एजेंट और इम्यून सिस्टम को बेहतर करने व अच्छी नींद लाने वाले गुण मौजूद है।

अश्वगंधा क्या है?

अश्वगंधा का वैज्ञानिक नाम विथानिया सोम्निफेरा (Withania somnifera) है। आमतौर पर इसे अश्वगंधा, इंडियन जिनसेंग और इंडियन विंटर चेरी कहते है। इसका पौधा 35-75 सेमी लंबा होता है। मुख्य रूप से इसकी खेती भारत के सूखे इलाकों में होती है, जैसे – मध्यप्रदेश, पंजाब, राजस्थान व गुजरात। विश्व में इसकी 23 और भारत में 2 प्रजातियां मिलती है।

अश्वगंधा के फायदे:

कोलेस्ट्रॉल:

अश्वगंधा में एंटीआक्सीडेंट और एंटीइंफ्लेमेटरी गुण मौजूद है। इस कारण यह ह्रदय से जुड़ी तमाम तरह की समस्याओं से बचाने में मदद कर सकता है। अश्वगंधा चूर्ण का सेवन करने से ह्रदय की मांसपेशियां मजबूत और खराब कोलेस्ट्रॉल के स्तर को कम करने में मदद मिल सकती है। अश्वगंधा में भरपूर मात्रा में हाइपोलिपिडेमिक पाया जाता है, जो रक्त में खराब कोलेस्ट्रॉल को कम करने में मदद करता है।

अनिद्रा:

अगर कोई नींद न आने से परेशान है, तो आप अश्वगंधा का सेवन करें। अश्वगंंधा के पत्तों में ट्राइथिलीन ग्लाइकोल नामक यौगिक होता है, जो गहरी नींद में सोने में मदद करता है।

तनाव:

तनाव के कारण अलग-अलग तरह की बीमारियां हो सकती है। अगर आपको इन तनावों से बचना है तो आयुर्वेदिक औषधि कारगर है। अश्वगंधा में मौजूद सिटोइंडोसाइड (Sitoindosides) और एसाइलस्टरीग्लुकोसाइड्स (acylsterylglucosides) नामक दो कंपाउंड शरीर में बतौर एंटी-स्ट्रेस गुण काम करते है। ये गुण तनाव से मुक्ति दिलाने में मदद करते है।

डायबिटीज:

आयुर्वेदिक औषधि अश्वगंधा के जरिए डायबिटीज से बचा जा सकता है। इसमें मौजूद हाइपोग्लाइमिक गुण, ग्लूकोज की मात्रा को कम करने में मदद करता है।

अश्वगंधा के नुकसान:

अश्वगंधा के कुछ दुष्प्रभाव भी है। इसका अधिक सेवन खतरनाक है।

  • अश्वगंधा की ज्यादा खुराक गैस्ट्रोइंटेस्टाइनल परेशानी, दस्त और उल्टी का कारण बन सकती है।
  • केंद्रीय तंत्रिक तंत्र में अवसाद पैदा हो सकता है। इसलिए, अश्वगंधा का सेवन करते समय शराब और अन्य मादक पदार्थों से दूर रहने की सलाह दी जाती है।
  • गर्भावस्था के दौरान इसका सेवन करने के नुकसान हो सकते है। माना जाता है कि इसकी अधिक मात्रा बतौर गर्भनिरोधक का काम कर सकती है।

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