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How To Use Abortion Pills | गर्भपात की गोली का इस्तेमाल कैसे और कब करें

How To Use Abortion Pills | गर्भपात की गोली का इस्तेमाल कैसे और कब करें

अगर कोई महिला को अनचाहे गर्भ से परेशान है तो उनके मन में कई तरह के सवाल उठते है जैसे किस समय गर्भपात की गोली (Abortion Pills) खाना सुरक्षित है? गर्भपात की गोली के साइड इफ़ेक्ट क्या है? अभी अपने देश की महिलाओं में गर्भपात के सभी विकल्प और इसके कानून से जुडी जागरूकता कम है। अगर आप अनचाहे गर्भ के बारे में सोचकर परेशान हैं तो इस लेख में आपको गर्भपात से जुड़े सभी सवालों के जवाब मिल जाएंगे।

कैसी महिलाऐं अबॉर्शन करवा सकती है:

  • अगर किसी महिला का जीवन जोखिम में हैं या वो किसी जानलेवा परिस्थितियों से गुजर रही है तो वह अबॉर्शन करवा के अपनी जिंदगी बचा सकती है।
  • ऐसी महिलाऐं जिनका गर्भावस्था जारी रखने से मानसिक या शारीरिक स्वास्थ्य पर खतरा हो।
  • शिशु में किसी भी तरह की शारीरिक या मानसिक अनियमितता हो। 
  • अगर महिला बलात्कार या सेक्सुअल उत्पीड़न से गर्भवती हुई है।
  • अगर कोई महिला गर्भनिरोधक (Abortion Pills) के फेल हो जाने से महिला गर्भवती हुई हो।

अबॉर्शन कैसे किया जाता है? (How Abortion is done)

आमतौर पर गर्भपात के लिए दो तरीके अपनाए जाते हैं।  

1- मेडिकल अबॉर्शन : इसमें दवाइयों की मदद से गर्भपात किया जाता है।

2- सर्जिकल अबॉर्शन : इसमें गर्भपात के लिए डाइलेशन और एवेक्युलेशन (D&E) प्रक्रिया अपनाई जाती है।

भारत में गर्भपात को लेकर सख्त कानून हैं जिसमें गर्भपात की समय सीमा निर्धारित की गई है। इसके अनुसार गर्भधारण के सात हफ़्तों के अंदर महिला को बिना एडमिट किए उसका मेडिकल अबॉर्शन करवाया जा सकता है। इस मामले में महिला, डॉक्टर द्वारा बताई गई दवाइयों (Abortion Pills) का सेवन घर पर कर सकती है।

सात हफ़्तों के बाद इसे चिकित्सकीय देखरेख में किया जाना चाहिए और इसके लिए महिला को एक दिन के लिए हॉस्पिटल में एडमिट होना पड़ता है। ऐसा इसलिए क्योंकि सात हफ़्तों के बाद अबॉर्शन करवाने पर महिला को समस्याएं होने का खतरा रहता है।

गोली का उपयोग कैसे करें? How to use Abortion Pills

गर्भपात के लिए दो तरह के विकल्प है और दोनों ही प्रभावी है । एक है मिफेप्रिस्टोन और मिसोप्रोस्टोल और एक सिर्फ मिसोप्रोस्टोल है।

 मिफेप्रिस्टोन और मिसोप्रोस्टोल के लिए निर्देश:

आपकी गर्भावस्था पहले 11 सप्ताह (77 दिन) की होनी चाहिए

इसका उपयोग कैसे करें?

(200 मिलीग्राम) मिफेप्रिस्टोन पानी के साथ निगलें। मिसोप्रोस्टोल का उपयोग करने से पहले 24 घंटे तक प्रतीक्षा करे, लेकिन 48 घंटे से अधिक प्रतीक्षा करेंअपनी जीभ के नीचे 4 मिसोप्रोस्टोल की गोलियाँ (प्रत्येक 200 एमसीजी) रखें। उन्हें 30 मिनट के लिए अपनी जीभ के नीचे दबाए। इन 30 मिनटों के दौरान कुछ भी ना खाएं और ना पिएँ। 30 मिनट के बाद, पानी से कुल्ला करें और थोड़ा सा पानी पी लें।

यदि इन 30 मिनट के दौरान आपको उल्टी हो जाती है तो यह संभावना हो सकती है कि गोलियाँ असर ना करें। तो ऐसी स्थिति में यह प्रक्रिया वापस से दोहराएँ ।

लेकिन अगर आपको 30 मिनट के बाद उल्टी आती है तो तब तक गोली आपके शरीर में घुल जाती है । मिसोप्रोस्टोल की 4 गोलियों का उपयोग करने के 3 घंटे के अंदर आपको ब्लीडिंग शुरू हो जानी चाहिए। रक्तस्राव आपकी सामान्य माहवारी जैसा या उससे अधिक हो सकता है। यह गर्भपात सही रूप से होने का संकेत है।

अगर गोली लेने के 3 घंटे प्रतीक्षा करने के बाद भी आपको ब्लीडिंग शुरू नहीं हुई है या आप 9-11 सप्ताह की गर्भवती महिला है तो आप डॉक्टर से एक बार परामर्श कर लें।

सिर्फ मिसोप्रोस्टोल से गर्भपात के लिए निर्देश: How to take misoprostol abortion pills

आपकी गर्भावस्था पहले 11 सप्ताह (77 दिन) की है।

इसका उपयोग कैसे करें?

अपनी जीभ के नीचे मिसोप्रोस्टोल की 4 गोलियाँ (प्रत्येक में 200 एमसीजी) रखें। उन्हें 30 मिनट के लिए अपनी जीभ के नीचे दबाए। इन 30 मिनटों के दौरान ना कुछ खाएं और ना कुछ पिएँ। 30 मिनट के बाद, पानी से कुल्ला कर लें और थोड़ा सा पानी पिएँ। यदि इन 30 मिनट के दौरान, जबकि आपने मिसोप्रोस्टोल की गोलियाँ अपनी जीभ के नीचे दबा कर रखी हैं, आपको उल्टी हो जाती है तो यह संभावना हो सकती है कि गोलियाँ (Abortion Pills) असर नहीं करेंगी।

इस स्थिति में, वापस से यह प्रक्रिया दोहराएं। लेकिन 30 मिनट तक अपनी जीभ के नीचे गोलियां रखने के बाद उल्टी होती हैं, तो ऊपर की प्रक्रिया ना दोहराएं क्योंकि गोलियाँ पहले से ही आपके शरीर में घुल चुकी हैं।

मिसोप्रोस्टोल की 4 गोलियों का उपयोग करने के 3 घंटे के अंदर आपको रक्तस्राव शुरू हो जाना चाहिए। ये रक्तस्राव आपकी सामान्य माहवारी जैसा या उससे अधिक हो सकता है। इसका मतलब यह है कि आपका गर्भपात सही तरह से हो रहा है।

गर्भपात की गोली खाने के बाद क्या होता है ? (What Happens After Taking Abortion Pills)

गर्भपात की गोली या एबॉर्शन पिल्स (Abortion Pills) हमेशा डॉक्टर की सलाह के बाद लेनी चाहिए। आइये जानते हैं कि यह दवाईयाँ कैसे काम करती है।

  • प्रोजेस्टेरोन हार्मोन को बनने या उसके क्रियाविधि को रोक सकती है।
  • मायोमेट्रियम (गर्भाशय की अंदरूनी मध्य परत) को संकुचित करती है।
  • ट्रोफोब्लास्ट (Trophoblast) को बढ़ने से रोकती है। ट्रोफोब्लास्ट वह कोशिकाएं होती हैं जो भ्रूण को पोषण देती हैं और प्लेसेंटा को विकसित करती हैं।

गर्भपात की गोली को इस्तेमाल करने का तरीका क्या है? (Way of using abortion pills)

महिलाओं को दो तरह की गोलियां (Abortion Pills) लेनी पड़ती हैं। पहली गोली डॉक्टर की देखरेख में लेने के 36-48 घंटों के बाद दूसरी गोली लें।

पहली गोली गर्भाशय को गर्भपात के लिए तैयार करती है। क्या आप जानते है सर्विक्स (गर्भाशय ग्रीवा), गर्भ में विकसित हो रहे भ्रूण को सहारा देती है और यह जो दवा दी जा रही है वह सर्विक्स को नरम करती है। इसके अलावा यह प्रोजेस्टेरोन को रोकती है और गर्भाशय के सतह को तोड़ती है। दूसरी गोली गर्भाशय को सिकुड़ने में मदद करती है जिससे भ्रूण के साथ यूटेराइन लाइनिंग बाहर निकलती है। 

आमतौर पर गर्भपात की गोलियों (Abortion Pills) को गर्भावस्था के शुरूआती हफ़्तों में लेने की सलाह दी जाती है इसके बाद फिर सर्जिकल अबॉर्शन को उचित माना जाता है। हालांकि मेडिकल अबॉर्शन गर्भावस्था के 20 हफ़्तों तक माना जाता है। (यह भी पढ़ें: गर्भावस्था के 10 प्रमुख लक्षण)

गर्भपात की गोली के साइड इफ़ेक्ट (Abortion Pills Side Effects)

तेज दर्द होना:

गर्भपात की गोली (Abortion Pills) लेने के बाद पेट, पेल्विक क्षेत्र व पीठ के निचले हिस्से में तेज दर्द हो सकता है। यह दर्द मासिक धर्म में होने वाले दर्द से भी तेज होता है इसलिए गर्भपात की गोली (Abortion Pills) लेने से पहले एक बार डॉक्टर से परामर्श जरूर लें साथ ही डॉक्टर की सलाह पर दर्द कम करने के लिए पेनकिलर्स भी लें सकते है। 

बहुत ज्यादा ब्लीडिंग होना: 

जब आप गर्भपात की गोली (Abortion Pills) लेती हैं तो इससे प्रोजेस्टेरोन का उत्पादन बंद हो जाता है और भ्रूण गर्भाशय से अलग हो जाता है जिससे रक्तस्राव शुरू हो जाता है। यह रक्तस्राव सामान्य से अधिक होता है। यहाँ तक कि रक्तस्राव के दौरान आपको गांठ व थक्के का अहसास होता है और यह रक्तस्राव कई दिनों तक चल सकता है। 

अपूर्ण गर्भपात होना:

गर्भपात की गोली (Abortion Pills) लेने के बाद कई बार गर्भपात पूरी तरह से नहीं हो पाता, जो वास्तव में खतरनाक हो सकता है। अगर गोली लेने के बाद पूरी तरह से गर्भपात ना हो तो सर्जरी करना बेहद आवश्यक हो जाता है। अगर आपका रक्तस्राव बंद नहीं हो रहा और आपको लंबे समय तक बुखार, तेज दर्द व ऐंठन का अहसास बना रहे तो यह अपूर्ण गर्भपात की ओर इशारा करते हैं। ऐसे में तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए। 

गोलियों का असफल होना:

गर्भपात की गोली (Abortion Pills) जब असफल हो जाती है तब गोली लेने के बाद भी गर्भपात नहीं हो पाता। ऐसा ज्यादातर उन स्थितियों में देखा जाता है, जब गर्भपात की गोलियों का सेवन नौ सप्ताह या उसके बाद किया जाता है। इस स्थिति में सर्जिकल गर्भपात विधि को बेहद सुरक्षित व कारगर जाता है। 

गर्भपात के बाद देखभाल कैसी रखें (How to take care after abortion in hindi)

  • अगर एबॉर्शन पिल (Abortion Pills) फेल हो गई है या बहुत ज्यादा ब्लीडिंग हो रही है तो ऐसे में वैक्यूम एस्पिरेशन द्वारा एबॉर्शन के लिए तैयार रहें।
  • अगर एक घंटे में दो बार से ज्यादा पैड बदलना पड़त है या बहुत ज्यादा ब्लीडिंग के साथ बुखार और क्रैम्प की समस्या है तो तुरंत डॉक्टर के पास जाएं।
  • गर्भपात के बाद अगर बुखार नहीं खत्म हो रहा तो यह दर्शाता है कि वहाँ संक्रमण हो गया है और इसे दवाइयों की मदद से ठीक करने की जरुरत है।
  • जब तक ब्लीडिंग पूरी तरह से रुक ना जाए तब तक सेक्स ना करें।
  • जब यह सुनिश्चित हो जाए कि गर्भपात ठीक ढंग से हो गया है तो इसके बाद आप गर्भनिरोधक जैसे कि आईयूडी का इस्तेमाल कर सकते हैं। हालांकि संक्रमण मौजूद होने पर ऐसा ना करें। गर्भपात के बाद जब महिलाऐं सेक्सुअली सक्रिय हो जाती है तो उस दौरान कंडोम का इस्तेमाल कर सकते हैं।

ये भी पढ़ें:

 

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डिस्क्लेमर: यह ब्लॉग किसी भी प्रकार से दवाई या डॉक्टर से लिया गया इलाज का विकल्प नहीं है। किसी भी समस्या के लिए डॉक्टर से  www.aayu.app पर परामर्श लें ।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल:

(A) गर्भपात कितने दिन में होता है?

शुरू के 12 सप्ताहों में गर्भपात करवाना ही सुरक्षित रहता है । गर्भ की चिकित्सकीय समाप्ति क़ानूनी रूप से 12 सप्ताह के बा, तुरंत 20 सप्ताह के पहले की जा सकती है ।

(B) अबॉर्शन कब तक हो सकता है?

अब महिलाऐं गर्भधारण के 24 हफ़्तों तक गर्भपात करवा सकती है। फिलहाल समयसीमा 20 हफ्तों तक है यानि पांच महीने बाद गर्भपात नहीं करवा सकते। किसी विशेष परिस्थिति के लिए कोर्ट की इजाज़त लेनी पड़ती है।

(C) गर्भपात के कितने दिन बाद मासिक धर्म आता है?

सही तरह से देखा जाए तो, ओव्यूलेशन लगभग 12 से 24 घंटे तक रहता है। एक बार जब आपका अंडाशय एक अंडा जारी करता है, तो यह आपके शरीर में लगभग 12 से 24 घंटों तक रहता है और उसके बाद, यह शुक्राणु द्वारा फर्टिलाइज़ ना होने पर मर जाता है। यह गर्भाशय के अस्तर(एंडोमेट्रियम) को बहा देता है, जिसके कारण मासिक धर्म दो सप्ताह बाद होता है।

(D) सर्जिकल गर्भपात कैसे होता है?

इसमें गर्भपात के लिए डाइलेशन और एवेक्युलेशन (D&E) प्रक्रिया अपनाई जाती है। भारत में गर्भपात को लेकर सख्त कानून हैं जिसमें गर्भपात समय सीमा निर्धारित की गयी है। इसके अनुसार गर्भधारण के सात हफ़्तों के अंदर महिला को बिना एडमिट किए उसका मेडिकल अबॉर्शन कराया जा सकता है।

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