डिप्रेशन से छुटकारा पाने के 7 उपाय

depression

तनाव या स्ट्रेस वैसे तो आम है लेकिन जब यह ज्यादा हो जाता है तब यह डिप्रेशन का रूप ले लेता है। यह एक तरह का मानसिक रोग है। हमारी मनस्थिति एवं बाहरी परिस्थिति के बीच असंतुलन होने की वजह से तनाव होता है।

तनाव थोड़ी मात्रा में लेना हमारे लिए फायदेमंद होता है जैसे किसी काम को करने के लिए हम स्वयं को कम दबाव में महसूस करते है जिससे हम अच्छी तरह से काम कर पाते है। लेकिन जब यह तनाव ज्यादा और अनियंत्रित हो जाता है तब यह हमारे शरीर पर नकारात्मक प्रभाव डालता है और यह डिप्रेशन में बदल जाता है।

व्यक्ति जिस चीज को लेकर डरता है या जिस स्थिति पर उसका नियंत्रण नहीं रहता उसके लिए तनाव महसूस करता है, जिस वजह से उसके ऊपर दबाव बनने लगता है। अगर व्यक्ति लम्बे समय तक इन परिस्थितियों में रहता है तब वह इसी तरह की जिंदगी जीने का आदि हो जाता है। जब व्यक्ति को वह तनावग्रस्त स्थिति ना मिलें इस बात को लेकर भी वह तनाव में रहता है। यह डिप्रेशन की शुरुआत स्थिति होती है।

डिप्रेशन के लक्षण:

  • उदास रहना
  • आत्मविश्वास की कमी होना
  • ध्यान लगाने में परेशानी होना (यह भी पढ़ें: व्यायाम के लाभ )
  • चिड़चिड़ापन रहना
  • बहुत जल्दी हार मान जाना

डिप्रेशन के कारण:

  • अगर आपके परिवार में किसी को डिप्रेशन की समस्या रही हो तो आपको भी इसके होने की संभावना रहती है। डिप्रेशन के अलावा मूड से जुड़ा दूसरी तरह का डिसऑर्डर होने पर भी आपको डिप्रेशन की समस्या हो सकती है।
  • बचपन में घटने वाली घटनाओं का कई बार बच्चों पर गहरा असर पड़ता है। कुछ घटनाओं की प्रतिक्रिया से शरीर में डर बैठ जाता है और वह आगे चलकर तनाव झेल नहीं पाता है।
  • अगर आपके दिमाग के सामने का हिस्सा कम सक्रिय है तो, आपको डिप्रेशन होने के चांस बढ़ जाते है।  

मूंगफली में एंटीऑक्सीडेंट्स और फाइटो फेनोल्स के गुण पाए जाते हैं। इसका सेवन तनाव, डिप्रेशन और अल्जाइमर जैसे रोगों को दूर करने में मददगार है। 

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डिप्रेशन के प्रकार:

प्रमुख अवसादग्रस्तता विकार (Major Depressive Disorder):

प्रमुख अवसादग्रस्तता विकार (Major Depressive Disorder), डिप्रेशन का एक गंभीर प्रकार है। डिप्रेशन की इस किस्म में लगातार उदासी, निराशा जैसी भावनाएं रहती है।

प्रमुख अवसादग्रस्तता विकार (Major Depressive Disorder) के लक्षण:

  • दिन के ज्यादातर वक्त में तनावग्रस्त रहना
  • रोजमर्रा की जिंदगी में रूचि कम होना
  • अचानक वजन कम होना या वजन बढ़ना
  • बहुत ज्यादा या कम नींद लेना
  • कम सोच पाना या धीमी गति से चलना
  • दिन के ज्यादातर समय थकान महसूस होना
  • ध्यान केंद्रित ना कर पाना

सतत अवसादग्रस्तता विकार (Persistent Depressive Disorder):

सतत अवसादग्रस्तता विकार (Persistent Depressive Disorder) या पीडीडी (PDD) को अक्सर डिस्थीमिया (Dysthymia) कहा जाता है। यह भी एक तरह का गंभीर डिप्रेशन है।

पीडीडी (Persistent Depressive Disorder) आपके जीवन को मेजर डिप्रेशन से ज्यादा नुकसान पहुँचाता है क्योंकि ये ज्यादा लंबे समय तक मरीज को परेशान करता रहता है। 

सतत अवसादग्रस्तता विकार (Persistent Depressive Disorder) के लक्षण:

  • रोजमर्रा के कामों में रुचि खत्म होना
  • काम करने की क्षमता घट जाना 
  • आत्मसम्मान में कमी आना

डिप्रेशन से छुटकारा पाने के उपाय: 7 Ways to beat depression:

मूंगफली का सेवन करें: मूंगफली में एंटीऑक्सीडेंट्स और फाइटो फेनोल्स गुण पाए जाते हैं। इसका सेवन तनाव, डिप्रेशन और अल्जाइमर जैसे रोगों को दूर करने में मददगार है।

एक्सरसाइज करें: जब हम फिजिकली ऐक्टिव रहते हैं तब हम योग, एक्सरसाइज या डांस करते हैं इससे हमारी बॉडी में ब्लड सर्कुलेशन बढ़ता है। यह हमारे ब्रेन में ऑक्सीजन का लेवल बढ़ाता है, इससे दिमाग भी शांत रहता है और हैपी हॉर्मोन्स प्रड्यूस होते हैं। ये हॉर्मोन्स हमें खुश रहने और डिप्रेशन से दूर रखते है।

फ़ास्ट फ़ूड का सेवन ना करें: डिप्रेशन या स्ट्रेस से जूझ रहे लोगों को फास्ट फूड और प्रॉसेस्ड फूड नहीं खाना चाहिए क्योंकि इनसे शरीर को पूरा पोषण नहीं मिल पाता। स्ट्रेस के कारण शरीर में कमजोरी रहती है और अगर डाइट भी सही ना मिले तो हम डिप्रेशन की तरफ तेजी से बढ़ने लगते हैं इसलिए हेल्दी डाइट लें।

खुली जगह जाए: अगर किसी वजह से आपका स्ट्रेस लेवल बढ़ने लगा है तो खुली जगह जाएं, गार्डन या ग्रीनरी वाली जगह जाए। गहरी सांस लें और सांस पर फोकस करें। गहरी सांस लेने से ब्रेन में ऑक्सीजन लेवल बढ़ता है और सांसों पर ध्यान केंद्रित करने से हमारा ब्रेन उस जगह से डाइवर्ट हो जाता है।

नेचर के साथ समय बिताए: नेचर से हमें पॉजिटिविटी मिलती है। इसके लिए आप ऐसी जगह जाए जहाँ आप नेचर के साथ जुड़ा हुआ महसूस करें। वहाँ जाकर अपनी लाइफ की जर्नी के बारे में सोचें, अचीवमेंट्स पर ध्यान दें और संघर्ष पर गर्व करें।

अडिक्शन बदलने की कोशिश करें: अगर आपको ड्रिंक, स्मोकिंग जैसी किसी भी चीज का अडिक्शन है तो इसे छोड़ने का प्रयास करें। इसमें रिहैबिलिटेशन सेंटर्स की मदद ले सकते हैं। जब लगे कि खुद पर कंट्रोल नहीं हो रहा है तो अपनी बेचैनी और असहजता को लिखने का प्रयास करें।

मी-टाइम को इंजॉय करें: खुशी और सुकून से भरी जिंदगी जीने के लिए जरूरी होता है कि आप एक मैनेज्ड लाइफ जिए। दिनभर की व्यस्तता के बीच कुछ पल खासतौर पर अपने लिए निकालें। इस मी-टाइम में आप म्यूजिक सुनते हुए वॉर्मअप या स्ट्रेचिंग कर सकते हैं। अपने मेकओवर पर ध्यान दे सकते हैं। अपनी स्किन केयर पर फोकस कर सकते हैं या फिर स्लो म्यूजिक चलाकर शांति से लेट या बैठ सकते हैं।

यह लेख केवल आपको सामान्य जानकारी देता है। अगर आपको किसी तरह की तकलीफ है तो हमारे प्लेटफार्म पर कई विशिष्ट डॉक्टर उपलब्ध है जिनसे आप ऑनलाइन परामर्श लें सकते है। आप हमारे टोल फ्री नंबर 781-681-11-11 पर भी कॉल करके इसके बारे में जानकारी लें सकते है।

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