Corona Brief News: देश का पहला स्वदेशी एंटीबॉडी कोरोना टेस्ट किट तैयार, ICMR की मिली मंजूरी

कोरोना टेस्ट किट antibody test kit

Corona Antibody test kit: कोरोनावायरस ने पूरी दुनिया को तबाह किया है, विश्वभर में वायरस के संक्रमण से बचने के लिए प्रयास जारी हैं, वहीं बड़ी सफलता मिली है भारत को, जहां एक युवा वैज्ञानिक और उनकी टीम ने देश का पहला स्वदेशी एन्टीबॉडी कोरोना जांच किट (Indigenous antibody corona test kit) का आविष्कार किया है। 

1.स्वदेशी कोरोना टेस्टिंग किट को ICMR की मंजूरी

country’s first indigenous antibody test kit icmr approval on successful

कोरोना की जांच के लिए भारत अब तक विदेशी एंटीजन (Foreign antigen) और अन्य किट्स का इस्तेमाल करता आया है, लेकिन अब बिहार के पूर्णिया जिले के एक युवा युवा वैज्ञानिक डॉ अभिनव श्रेष्ठ झा (Dr. Abhinav Shrestha Jha) और उनकी टीम ने देश का पहला स्वदेशी एन्टीबॉडी कोरोना जांच किट (Indigenous antibody corona test kit) तैयार किया है,

जिसे भारतीय चिकित्सा अनुसंधान परिषद (Indian Council of Medical Research)  यानी आईसीएमआर (ICMR) से भी मंजूरी मिल गई है। अगर कोरोना (Corona) का यह स्वदेशी एन्टीबॉडी टेस्ट किट (Antibody test kit) सफल होकर बाजार में आता है तो यह देश के लिये भी बड़ी उपलब्धि होगी।

खास बात यह है कि यह किट 98 प्रतिशत तक सफल बताया जा रहा है और इसमें पोस्ट कोरोना से लेकर वर्तमान में कोरोना पॉजिटिव तक का पता चल पायेगा। इस किट के माध्यम से आप घर में भी कोरोना का हर तरह का जांच कर सकते हैं।

2.  सस्ती स्टेरॉयड दवाओं से बच सकती है कोरोना मरीज़ों की जान

WHO News: World Health Organization (WHO) Research Update; Covid 19 Patients Survive Steroids

स्टेरॉयड दवाओं पर की गई रिसर्च पर WHO की मुहर लग गई है, जिसमें सामने आया है कि कोरोना संक्रमित 100 गंभीर मरीज़ों में से 8 की जान सस्ती स्टेरॉयड दवाओं से बच सकती है। 

स्टेरॉयड दवा के तीन ट्रायल किए गए हैं, इसमें कोरोना पीड़ितों को ये दवाएँ देने पर मौत का खतरा कम हुआ है। हालांकि, किसी कोरोना मरीज़ में शुरुआती लक्षण होने पर  स्टेरॉयड दवा देने की जरूरत नहीं है। जर्नल ऑफ द अमरीकन मेडिकल एसोसिएशन में इस नए रिसर्च के नतीजे प्रकाशित हुए हैं। शोधकर्ताओं का कहना है कि रिसर्च के नतीजे प्रभावशाली हैं, पर स्टेरॉयड कोरोना वायरस का इलाज कतई नहीं है।

स्टेरॉयड का काम क्या है? 

आमतौर पर स्टेरॉयड मानव शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाने और सूजन को शांत करने का काम करते हैं। इनका इस्तेमाल गठिया और अस्थमा जैसी बीमारियों के साथ-साथ गंभीर संक्रमण के मामलों में किया जाता है।

3. भारतीय लड़की ने बनाई कोरोना की नई वैक्सीन

Indian Origin Scientist Sumi Biswas At UK Oxford University Develops Another New Coronavirus Vaccine
  • कोरोना वायरस की एक और नई वैक्सीन का ह्यूमन ट्रायल शुरु हो गया है। वैक्सीन को भारतीय वैज्ञानिक और ऑक्सफ़ोर्ड यूनिवर्सिटी की प्रोफेसर सुमी बिस्वास की कम्पनी स्पायबायोटेक ने बनाया है।
  • स्पायबायोटेक भारतीय कम्पनी सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया के साथ मिलकर नई वैक्सीन का ट्रायल कर रही है। 
  • जानकारी के मुताबिक, वैक्सीन का पहला और दूसरा ह्यूमन ट्रायल ऑस्ट्रेलिया में शुरू हो गया है। इस दौरान सैकड़ों लोगों को वैक्सीन की डोज दी जाएगी। 

4. COVID-19 वैक्सीन का ट्रायल को लेकर सीरम इंस्टीट्यूट को नोटिस 

ऑक्सफोर्ड की COVID-19 वैक्सीन का ट्रायल के बाद एक शख्स की हालत गंभीर बताई जा रही है। ऑक्सफोर्ड की COVID-19 वैक्सीन का ट्रायल भारत के पुणे स्थित सिरम इंस्टिट्यूट में भी चल रहा है।

serum institute for not pausing trial of covid 19 vaccine

इस मामले में सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया को ड्रग कंट्रोलर जनरल ऑफ इंडिया (DCGI) ने नोटिस भेजकर पूछा,  ‘जब तक मरीज की सुरक्षा स्थापित नहीं होती तब तक आप को मिली क्लीनिकल ट्रायल की इजाजत क्यों ना निलंबित कर दी जाए?’

ड्रग कंट्रोलर जनरल ऑफ इंडिया इस बात से नाराज है कि अमेरिका, यूके, ब्राज़ील और साउथ अफ्रीका में वैक्सीन का ट्रायल रोक दिया गया है लेकिन सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया ने इस बात की सूचना सेंट्रल लाइसेंसिंग अथॉरिटी को नहीं दी और ना ही उस घटना की casualty analysis रिपोर्ट दी है।

5. भारत में ऑक्सफ़ोर्ड की COVID-19 वैक्‍सीन का परीक्षण जारी

Serum institute says vaccine trials in India is on despite concerns after astrazeneca hits pause

ऑक्सफ़ोर्ड की COVID-19 वैक्‍सीन का ब्रिटेन में ट्रायल रोके जाने के बाद भी ‘भारत में कोरोना वैक्‍सीन का परीक्षण जारी रहेगा, इसमें कोई समस्या नहीं होगी। इस बात की पुष्टि सीरम इंस्टिट्यूट ने की है। सीरम इंस्टीट्यूट ने कहा, ‘‘ब्रिटेन में चल रहे परीक्षण के बारे में हम कुछ ज्यादा नहीं कह सकते हैं।” 

सीरम इंस्टीट्यूट ने एस्ट्राजेनेका के साथ कोविड- 19 टीके की एक अरब खुराक का उत्पादन करने के लिये विनिर्माण भागीदारी की हुई है। यह टीका ऑक्सफ़ोर्ड यूनिवर्सिटी द्वारा विकसित किया जा रहा है। भारतीय कंपनी एस्ट्राजेनेका के संभावित टीके का भारत में चिकित्सीय परीक्षण कर रही है।

भारत के दवा महानियंत्रक ने पिछले महीने ही पूणे स्थित इस कंपनी को इस टीके का भारत में दूसरे और तीसरे चरण का परीक्षण करने की अनुमति दी थी। सीरम इंस्टीट्यूट ने कहा है कि एक व्यक्ति को अज्ञात बीमारी होने के बाद कंपनी ने उसकी दवा परीक्षण की मानक समीक्षा को देखते हुये आगे का परीक्षण स्थगित किया है।

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